बीते सप्ताह शनिवार  को बिहार में देश के प्रधानमंत्री का आगमन था। उनके इस आगमन पर पूरा राज्य उत्साह में था। अब ऐसे में राजधानी के छात्रों का एक नया रूप देखने को मिला है जो परिस्थिति के ठीक विपरीत है। दरअसल पटना यूनिवरसिटी के जिस मंच से प्रधानमंत्री ने भाषण दिया था उस मंच को सोमवार को छात्रों ने गंगाजल से धो दिया।

इस कार्य को अंजाम देने वालों का कहना है कि गंगा मैया की पूजा कर 21 मटकों के जल से मंच का शुद्धिकरण किया गया है।

 इस पुरे कार्यक्रम को अंजाम देने के बाद छात्र नेता व बहुजन चौपाल के अध्यक्ष प्रभात यादव ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि प्रधान देशभर में भर में भेदभाव की संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं। पीयू के छात्र छात्राओं पर इसका नकारात्मक असर न हो इसी उद्देश्य से यूनिवरसिटी प्रांगण का गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया है।

प्रभात ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए आगे कहा कि प्रधानमंत्री शताब्दी समारोह में आये पर स्नातक के छात्र छात्राओं को ही कार्यक्रम में जाने नही दिया गया। यहां तक की उन्हें होस्टल तक खाली करने को बाध्य कर दिया गया, और अंत में छात्र छात्राओं को गिरफ्तार भी कर लिया गया।

उन्होंने यूनिवर्सिटी और स्थानीय प्रशासन पर भी आरोप लगया उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और स्थानीय प्रशासन ने हम छात्र छात्राओं के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया। बिना किसी कारण  उन्हें और उनके साथी राहुल को 13 तारीख को गिरफ्तार कर पीरबहोर थाना के लॉकअप में अपराधियों की तरह रखा गया। उन्होंने आगे सवाल दागते हुए कहा कि आखिर क्या कारण है कि प्रधान जहां भी जाते है छात्र छात्राओं से भयभीत रहते हैं। क्या वह देश को छात्र मुक्त करना चाहते हैं

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