विश्व हिन्दू परिषद द्वारा बिहार में 3500 से भी ज्यादा प्रशिक्षित एवं समर्पित कार्यकर्ता उतारा है जो लोगों को जागरूक करेंगे। विश्व हिंदू परिषद ने देश देशहित के कई विषय को लेकर चिंता जताया है। विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि बिहार में लोगों को प्रशिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति सचेत करने की जरूरत है। देश सहित बिहार के सीमांचल इलाके में हो रही घुसपैठ बड़ी चिंता का कारण है। बिहार इससे अछूता नहीं है। क्योंकि बिहार का सीमांचल बांग्लादेश से सटा हुआ है और बांग्लादेशी घुसपैठ बड़ी तेजी से हो रहा है। इस पर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी चिंता जताया है।


विश्व हिंदू परिषद के हवाले से जो जानकारी सूत्रों ने दी है। उसके अनुसार बिहार में अब यह जरूरी हो गया है कि यहां के लोगों को सचेत किया जाए। घुसपैठ के मामले में चिंता जताते हुए विश्व हिंदू परिषद ने असम की तरह बिहार में भी डी-रजिस्टर की जरुरत बताई है। विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि अब वह वक्त आ गया है जब घुसपैठ को रोकना बहुत ही जरूरी है। अगर इस में विलंब हुआ तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी इसलिए विश्व हिंदू परिषद बिहार मेंं लोगों को प्रशिक्षित और जागरूक करने का बीड़ा उठा रहा है।

विश्व हिंदू परिषद के हवाले से कहा गया हैं कि हाल में सीमांचल के इलाके में जिस तरह की बातें देखने को आई है, वह चिंता का कारण है। बिहात में धर्मांतरण, पशु तस्करी, जमीनों पर कब्जा, जनसंख्या अंसतुलन जैसी समस्याओं का बढ़ना न बिहार न ही देशहित में है। विश्व हिंदू परिषद ने घुसपैठ को खतरनाक एवं खासा चिंताजनक विषय करार दिया है। बिहार के सीमांचल इलाके पूर्णिया में पिछले चार पांच दिनों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा काई विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इसमें संगठन के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के कई विहिप प्रचारक और संगठनकर्ता शामिल हैं। बिहार के विभिन्न जिलों के विहिप के कार्यकर्ता कई विषयों पर वैचारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के द्वारा बिहार में संगठन विस्तार और संगठन के उद्देश्यों विस्तार देने की कई योजनाएं तय की गईं हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि हिन्दू समाज को भी उच्च आचरण करने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होना होगा। अगर वक्त रहते हिंदू समाज संगठित होकर अपने हक अधिकार संस्कार और संस्कृति को अक्षुण्ण नहीं रखेगा तो स्थिति आने वाले दिनों में बहुत ही भयावह हो जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद का मानना है की देशहित में लोगों को आचरणों के माध्यम से जोड़ने की बड़ी जरुरत है। इसके लिए संगठन ने बिहार में हिन्दू धर्म संस्कृति के विभिन आचरणों के साथ लोगों को शिक्षित करने और शिक्षा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद के 3500 एकल शिक्षकों की तैनाती करने का फैसला लिया है। बिहार के सीमांचल में 1500 शिक्षक इस कार्य में पूरी निष्ठा से अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के सह संगठन पदाधिकारी मिलिंद पांडे ने भारतीय हिंदू संस्कार, आचरण को बरकरार रखने पर खासा जोर देते हुए कहा की देश में जन्म सम्बन्धी नियम में एक समान व्यवहार लागू करने की निहायत जरुरत है। मिलिंद ने दो से अधिक सन्तान वाले लोगों को सरकारी सुविधा से वंचित करने से जुड़े कई नागरिक अधिकारों से वंचित रखने की जरुरत को देशहित में बताया है। विश्व हिंदू परिषद द्वारा बिहार के सीमांचल इलाके सहित संपूर्ण प्रदेश में किए जा रहे इस कार्य को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा का बाजार भी काफी गर्म है। आहे देखना होगा कि विपक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य सहयोगियों पर किस तरह निशाना साधता है।

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