दिल्ली के करोल बाग के रहने वाले शक्ति कपूर (उनका असली नाम सुनील कपूर था) बचपन से ही मस्तमौला टाइप के रहे हैं, और शैतान भी. उनकी हरकतों की वजह से ही उनको तीन बार स्कूल बदलना पड़ा था. उनके पिता की कनॉट प्लेस में टेलर की दुकान थी और वे चार भाई-बहन थे. पढ़ाई में उनकी कोई दिलचस्पी थी नहीं और वे हमेशा ही बहुत ही खराब नंबरों से पास होते. क्रिकेट के शौकीन शक्ति कपूर ने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से थर्ड डिविजन में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने अपने पिता के काम में जाने की बजाय कुछ अलग करने के बारे में सोचा. शक्ति मुंबई गए और वहां उन्होंने लंबा संघर्ष किया.

आज है बॉलीवुड के जाने माने ‘विलेन कपूर’ यानी की शक्ति कपूर का जन्मदिन। ‘3 सितंबर 1958 को जन्मे शक्ति कपूर ने अपने फ़िल्मी सफर में हर तरह के किरदार निभाए है । चाहे वो कॉमेडी हो, इमोशनल या फिर हीरो का लेकिन असल पहचान उन्हें कॉमेडी और विलेन के किरदार से ही मिली।शक्ति कपूर ने अपने करियर में लगभग 450 फिल्मों में काम किया है । शक्ति कपूर का असली नाम सुनील कपूर है लेकिन बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने अपना नाम सुनील बदलकर शक्ति रख लिया था।

शक्ति कपूर को फिल्म ‘राजा बाबू’ के लिए बेस्ट कॉमेडियन का फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिल चुका है। इसी फिल्म का डायलॉग ‘ नंदू सबका बंधू’ दर्शकों के जुबां पर काफी समय तक चढ़ा रहा था और आज भी उन्हें इस डायलॉग के लिए याद किया जाता है।

फिल्म ‘चालबाज’ में शक्ति, बटुकनाथ के रोल में थे और इस फिल्म में उनका डायलॉग ‘मैं एक छोटा सा, नन्हा सा, प्यारा सा बच्चा हूं’ लोगों को बहुत पसंद आया था। शक्ति कपूर ने अपने हास्य अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज करने में सफल रहे थे।जैसे ‘राजा बाबू’ का नंदू का किरदार आज भी याद है. ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ और ‘अंदाज अपना अपना’ उनकी यादगार फिल्मों में हैं. आज वे 59 साल के हो गए हैं.

शक्ति कपूर ने शिवांगी (पद्मिनी कोल्हापुरी की बड़ी बहन) के साथ विवाह किया और इनके दो बच्चे हैं। लड़के का नाम सिद्धान्त कपूर और लड़की का नाम श्रद्धा कपूर है। श्रद्धा कपूर ने भी अपने पापा के कदमों पर चलकर अपने अभिनय से फ़िल्मी जगत में एक अलग पहचान बनाई हैं।

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