चारा घोटाला मामले में अदालत के फैसले में कुछ लोगों को दोषमुक्त करार दिए गया तथा कुछ को आगामी 03 जनवरी को सजा सुनाने के लिए जेल में बंद कर दिया गया है। उसके बाद से बिहार की सियासत में काफी उफान आ गया है। अदालत द्वारा दोषमुक्त किये गए पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्र ने कुछ ऐसे खुलासे किये हैं जिसने बिहार का सियासी तापमान बढ़ा दिया है।

आपको बता दें न्यूज़ बिहार ने जगन्नाथ मिश्र के पुत्र भाजपा नेता और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री नीतीश मिश्र के बयान को प्रमुख्यता से साझा करते हुए संभावना व्यक्त किया था कि बिहार की राजनीति में एक नायें दौर का शुरुआत हो रहा है। लालू प्रसाद के जेल जाने और सजा के ऐलान से पूर्व जो माहौल बना उसे नीतीश मिश्र ने अपने बयान के माध्यम से रखा था। उनके बयान को विभिन्न दल के युवा नेताओं का काफी समर्थन भी मिला। नीतीश मिश्र ने अदालत के फैसले की अवहेलना के साथ साथ लालू प्रसाद के पुत्र द्वारा जातिय उन्माद फैलाने का आरोप लगाया है।

अब उनके पिता जिन्हें अदालत के द्वारा चारा मामले में दोषमुक्त करार दिया है, जगन्नाथ मिश्र ने बयान देकर एक बड़ा सियासी बहस छेड़ दिया है। जगन्नाथ मिश्र के अनुसार राजद सुप्रीमो लालू यादव को पशुपालन घोटाले में भाजपा ने नहीं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने फंसाया था। जबकि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी ने मुझे फंसा दिया था। मिश्र ने कहा कि चारा घोटाले में लालू प्रसाद को प्राथमिक अभियुक्त बनाए जाने के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री देवगौड़ा थे। देवगौड़ा चाहते थे कि लालू प्रसाद इस्तीफा दे दें, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद देवगौड़ा ने ही लालू कों फंसा दिया। उन्होंने कहा इस मामले में मेरे ऊपर सिर्फ यह आरोप है कि मैंने तब क्षेत्रीय पशुपालन निदेशक श्याम बिहारी सिन्हा को सेवा विस्तार देने के लिए सिफारिशी पत्र लिखा था।

जगन्नाथ मिश्र का कहना है कि दरअसल वर्ष 1996 में कांग्रेस के समर्थन से केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार चल रही थी। सीताराम केसरी उस वक्त कांग्रेस के अध्यक्ष थे और लालू यादव से उनके अच्छे संबंध थे। केसरी ने ही दबाव डलवाकर मुझे चारा घोटाले में अभियुक्त बनवा दिया था। ये बातें सामने तब आ रही हैं जब चारा मामले में मिश्रा को बेल और लालू को जेल के अदालती फैसले पर जम कर सियासत हो रही है।

आपको बता दें कि चारा मामले में देवघर कोषागार से अवैध निकासी में सीबीआइ कोर्ट का फैसला आने के बाद राजद नेताओं के उनको दोषमुक्त करार देने और लालू यादव को दोषी करार देने पर जातीय रंग दिए जाने पर जगन्नाथ मिश्रा ने आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाना आश्चर्यजनक है। जगन्नाथ मिश्रा ने इसके अलावे भी कई बातें रखी। चारा मामले में अब तक कि प्रक्रिया में खुद के परेशान होने से लेकर बरी किये जाने तक कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया। मिश्रा नेकहा की न्याय व्यवस्था होने में भले देर हो पर न्याय सबको मिलता है। मैं निर्दोष था यह अदालत ने भी मुहर लगा दिया है।

आपको बता दें कि लालू प्रसाद रांची के बिरसा मुंडा जेल में हैं। न्यायालय द्वारा 03 जनवरी को उन पर फ़ैसला सुनाया जाएगा। इस बीच उनके दोनों पुत्र और पुत्री लगातारा राजद के लोगों का हौसला बढ़ा रहे हैं। तेजस्वी ने कहा है कि बिहार की जनता लालू जी पर किये जा रहे शाजिश का जवाब देगी। जनता ने जिसे जिताया वो कारागार में और जिसे भगाया वो सरकार में इसका हिसाब तो जनता को देना होगा।

Subscribe us on whatsapp