पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले बेउर जेल में आज गोलियों की तड़तड़ाहट ने पूरे पटना को सन्न कर दिया। सुबह सुबह जब गोलियों की तड़तड़ाहट लोगों ने सुनी तो चारों तरफ हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के बीच किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। उसके बाद लोग एक दूसरे से इस घटना के विषय में चर्चा करने और पूछने लगे।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले बेउर जेल में आज सुबह जो कि राजधानी पटना का सबसे सुरक्षित जेल है। उस बेउर जेल का कैंपस गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। जेल में तैनात एक कक्षपाल को उसके भांजे ने कैंपस में ही जम कर गोली बारी किया। उसके बाद खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या कर लिया। इलाज के दौरान बेउर जेल में तैनात कक्षपाल संतोष की मौत हो गई।


इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं आखिर कैसे ईतनी सुरक्षित बेउर जेल के भीतर इस तरह की घटना घटी। कैसे जेल में कार्य करने वाले एक कक्षपाल गोलियों की बौछार कर देता है और बाकी के लोग मुक़दर्शी बन सब कुछ होता हुआ देख कर मौन रह जाते हैं। इस घटना से जेल प्रशासन और सुरक्षा पर तो सवाल खड़े होते ही हैं। इसके साथ-साथ यह भी प्रश्न लोगों के जहन में है कि आखिर लोग सीधे गोलीबारी पर ही क्यों उतारू हो जाते हैं।

समाज के बदलते इस तरह के परिवेश और लोगों का बात बात पर गोलीबारी करना। उससे भी चिंताजनक है एक जिम्मेवार पड़ पर रहने वाले सरकारी कर्मचारी जिस पर सुरक्षा का भार है। उसके द्वारा गोलीबारी किया जाना और भी चिंता का विषय है। इस पर समाज के प्रबुद्धजनों, प्रशानिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, सरकार के विभिन्न अंगों को मिल बैठ कर सोचना होगा। जुड़े रहिए न्यूज़ बिहार के साथ हम आपको हर उस खबर से बाखबर रखेंगे जिनसे आप का सीधा सरोकार है

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