सारण। जयप्रकाश विश्वविद्यालय के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज के कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब दो लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक तृतीय खंड (सत्र-2013-16) में सीट से अधिक नामांकित छात्रों का परीक्षा फार्म भरने पर रोक लगाने के बाद विश्वविद्यालय के छह लंबित सत्रों में पार्ट वन, टू एवं थ्री में नामांकित करीब दो लाख छात्र इससे प्रभावित होंगे। इनका परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सकेगा। जिसमें सत्र 2015-16, 2016-17 के पार्ट वन एवं पार्ट में तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंगीभूत कॉलेजों में 20 फीसदी एवं संबद्ध कॉलेजों में 25 फीसदी सीट की बढ़ोत्तरी की है। जिसमें छात्रों का नामांकन हो चुका है। वह छात्र पार्ट वन एवं पार्ट में भी चल गये है। इस बीच पार्ट थ्री के सत्र 2013-16 के परीक्षा फार्म भरने में विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा विभाग के पूर्व प्रधान सचिव के के पाठक के वर्ष 2010 के पत्र का हवाला देते हुए यह निर्देश निकाल दिया कि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सीट पर ही नामांकित छात्रों का परीक्षा फार्म भरने का निर्देश दिया। जिस के कारण पार्ट थ्री में करीब चार हजार परीक्षार्थी परीक्षार्थी परीक्षा फार्म भरने से वंचित हो रहे है। क्योंकि सत्र 2013 -16 में कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय को सीट बढ़ाने का आग्रह करते सीट बढ़ाई थी। लेकिन इसके बाद तत्कालीन कुलपतियों ने पार्ट वन के सत्र 2015-16, 2016 -17 में छपरा, सिवान एवं गोपालगंज के सभी अंगीभूत , संबद्ध एवं एनओसी कॉलेजों में करीब 25 फीसदी सीट की बढ़ोत्तरी की गई थी। पार्ट थ्री में सत्र 2013 -16 में सीट से अधिक नामांकन पर रोक लगाने के बाद उसके बाद के सभी सत्रों पर सही नियम लागू होगा। जिसके कारण करीब दो लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं कर रहा प्रयास

जेपी विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संगठनों के आंदोलन के बाद प्रयास करने बदले पार्ट थ्री के परीक्षा फार्म भरने पर ही रोक लगा दी। इस बीच विश्वविद्यालय में छुट्टी हो गई। जिसके कारण 15 दिनों के लिए यह मामला और आगे टल गया। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते छुट्टी में ही स्पेशल सिनेट एवं ¨सडिकेट की बैठक बुलाकर इस निर्णय लेना चाहिए। सीट से अधिक सभी नामांकित छात्रों का परीक्षा फार्म भरने के लिए प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार के पास भेजना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों के प्रमोशन मामले में स्पेशल सिनेट एवं सिडिकेट की बैठक बुला सकती है। लेकिन छात्र हित के मुद्दे पर वह तेजी नहीं दिखा रही है।

विवि के पदाधिकारी भी कुलपति को कर रहे है गुमराह

छात्रों के परीक्षा फार्म भरने के मामले में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी कुलपति प्रो. हरिकेश ¨सह को सही जानकारी नहीं दे रहे है। यह सिर्फ पार्ट थ्री के सत्र 2013-16 का ही मामला नहीं है। अगर शिक्षा विभाग के पूर्व प्रधान सचिव केके पाठक के वर्ष 2010 के पत्र को लागू किया जाएगा तो। इसके बाद के सभी छात्रों में नामांकित छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। जो नामांकन करके तीन साल से पार्ट वन के परीक्षा फार्म भरने का इंतजार कर रहे थे। सत्र 2015 -16 में ासीट बढ़ोत्तरी के लिए विश्वविद्यालय के छपरा, सिवान एवं गोपलगंज के विभिन्न कॉलेजों में छात्रों ने जमकर हंगमा किया था। राजभवन की टीम भी विश्वविद्यालय आई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंगीभूत कॉलेजो में 20 फीसदी एवं संबंद्ध कॉलेजों में 25 फीसदी सीट बढ़ोत्तरी की थी। वे सभी छात्र परीक्षा देने से वंचित हो जाऐंगे।

छात्र हित में सिनेट एवं सिडिकेट में लेना चाहिए निर्णय

जेपी विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित में सीट बढ़ाने के लिए ईमानदार प्रयास करना चाहिए। लेकिन विश्वविद्यालय के रवैया को देखते हुए यह नहीं दिख रहा है। छात्र संगठन का भी आंदोलन सही दिशा में नहीं है। संगठन में कमजोर नेतृत्व के कारण वे अपनी बात को विश्वविद्यालय प्रशासन के पास नहीं रख पा रहे है। क्योंकि पूर्व कुलपति के निर्णय को वर्तमान कुलपति नहीं मान रहे है। जिसका खामियाजा छात्र उठा रहे है।

सारण प्रमंडल के सांसद व विधायक भी मौन

जेपी विश्वविद्यालय में पिछले पांच साल से पार्ट वन एवं थ्री का परीक्षा लंबित है। विश्वविद्यालय प्रशासन पहले खुद सीट बढ़ोत्तरी कर नामांकन लेती है इनका रजिस्ट्रेशन करती है और फिर छह साल पूर्व की छ़ट्टी का हवाला देकर इनके परीक्षा फार्म भरने से वंचित कर देती है। लेकिन छपरा, सिवान एवं गोपालगंज के राजनेता , सांसद, विधायक एवं किभी भी पार्टी के नेता इस मुद़दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से बात तक नहीं कर पाते है। पांच साल से पार्ट थ्री एवं वन की परीक्षा लंबित है। यहां के छात्रों का भविष्य विश्वविद्यालय के तुगलकी फरमान एवं कार्य नहीं करने से बर्बाद हो रहा है। लेकिन राजनेता एवं सांसद विधायक मौन है।

प्रतियोगी परीक्षा देने से वंचित हो रहे है

छात्र जेपी विश्वविद्यलाय में छह सत्रों की परीक्षा लंबित होने से यहां के छात्र यूपीएससी कौन बैंक कर्लक की परीक्षा देने से वंचित हो गये है। बीए पास नहीं होने के कारण जेपीयू के छात्र रेलवे, बैंक एवं एसएससी की परीक्षा नहीं दे पा रहे है। सत्र 2013 -16 के पार्ट थ्री की परीक्षा लंबित है। पांच साल से परीक्षार्थी परीक्षा इंतजार कर रहे है। बीए पास नहीं होने के कारण वे परीक्षा नहीं दे पा रहा है। उनका प्रतियोगी परीक्षा देने की उम्र खत्म हो रही है। यहीं हाल सत्र 2015-16 में पार्ट वन में नामांकित छात्रों की है। उन्हें अभी पार्ट थ्री में होना चाहिए। लेकिन उनका पार्ट वन की ही परीक्षा नहीं हो सकी है। इसके बाद भी विश्वविद्यालय को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

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