यह बिहार है यहां पर जो मिल रहा है चुपचाप लीजिए और काम कीजिए हड़ताल हड़ताल पर जाने का  मन से ख्याल निकाल दीजिए बिहार सरकार ने  हड़ताल कर रहे संविदा पर बहाल  स्वास्थ्य कर्मियों को  इस तरह से हड़काया। बिहार सरकार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने संविदा पर बहाल कर्मीयों को कड़ा अल्टीमेटम ददेते हुए कहा  शनिवार को काम पर  नहीं लौटे  तो बर्खास्त होने के लिए  तैयार रहें  स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने कर्मियों को शनिवार तक काम पर वापस आने का साफ निदेश दे दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर० के० महाजन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों और डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का सरकार ने फैसला लिया है। परंतु उन लोगों के मानदेय में बढ़ोतरी होगी जिनके पास 5 वर्षों का अनुभव होगा। प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य में 7 हजार ANM की स्थाई बहाली होने जा रही है। इस बहाली में पहले से ठेके पर काम करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही महाजन ने हड़काते हुए यह भी कहा है कि अगर कर्मी इस काम में बाधा डालेंगे और अड़ंगा पैदा करने का रयास करेंगे तो उन पर सीधे सीधे कार्रवाई की जाएगी।
जैसा कि आप सभी जानते हैं अपनी सेवा स्थायी करने की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को नीतीश सरकार के इस नए फर्मान से तगड़ा झटका लगा है। सरकार के इस नए फैसले जिस में काम पर नही लौटने के हालत में सेवा समाप्त करने का आदेश है। उससे संबंधित पत्र विभाग के प्रधान सचिव  महाजन ने सभी जिलाधिकारीयों को भेज दिया है।

सरकार के इस फैसले के बाद आदेश जारी कर सभी डीएम और सिविल सर्जन को आदेश का पालन करने को कहा गया है। अगर हड़ताली संविदा कर्मियों सरकार के आदेश के बाद भी वापस नहीं आते तो तत्काल सेवा से मुक्त कर उनकी जगह दूसरे कर्मियों की बहाली करें। सरकार के इस फैसले के बाद संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का तेवर और तल्ख हो गया है।

सरकार के इस फैसले के विरोध में हडलाती स्वास्थ कर्मी सड़कों पर आन्दोलन करने एवं आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली है। सरकार के इस फैसले को जहां हड़ताली तालिबानी फैसला बता रहे हैं। वहीं इस विषय पर सरकार का कहना है कि पहले हड़ताल को खत्म कर काम पर लौटें उसके बाद सरकार कोई भी बात करेगी। वैसे सरकार के द्वारा जो फैसला लिया गया है वो ठीक है।

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