आरएसएस प्रमुख ने कहा सेना छ माह में करेगी वो आरएसएस तीन दिन में कर देगा, संविधान यदि दे इजाज़त। इस बयान के बाद विपक्ष ने कहा है कि आरएसएस मुक्त का नारा दे सत्ता पाने वाले नीतीश कारा रहे बिहार में संघ विस्तार, यह अमन चैन के लिए घातक है। आरएसएस के हवाले से दिए गए बयान पर इशारा करते हुए राजद सहित अन्य दलों ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। इसके पीछे जो कारण है वो लगातार सर संघचालक मोहन भागवत का बिहार दौरा और लंबे समय तक संघ विस्तार के लिए डेरा डालना है।

आपको बता दें कि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत बिहार में एक सप्ताह से अधिक दिनों से दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हमें संघ या संगठन की नहीं, देश की चिंता है और देश व समाज के लिए सबकुछ नयौछावर है। मोहन भागवत ने कहा कि देश को जरूरत पड़ी तो तीन दिनों में आरएसएस उतनी फौज खड़ी कर देगा जितना सेना 6 महीने में करेगी। संघ प्रमुख ने उक्त बयान एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया।

आरएसएस प्रमुख इसके पूर्व भी कई बार दौरा कर चुके हैं। छह6 माह से कम समय मे भागवत के द्वारा कई दौरा किया गया है। इसे लेकर राजद सुप्रीमो लालू और कांग्रेस सहित अन्य कई दाल और संगठनों ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह बिहार में तेजी से हो रहे संघ के विस्तार से राज्य के लोग दहशत में हैं। बिहार में कायम आपसी प्रेम सौहार्द और अख़लाक़ के लिए खतरा बताया था। इसके साथ ही नीतीश कुमार पर आरएसएस के शरण मे जाने का भी आरोप लगाया गया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयं सेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि हम सेना नहीं हैं, लेकिन संघ का अनुशासन सेना अनुशासन से कम नहीं है। मोहन भागवत ने कहा कि देश की विपदा में स्वयंसेवक हर वक्त मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत-चीन युद्ध हुआ तो सिक्किम के तेजपुर से पुलिस-प्रशासन के अधिकारी डरकर बोरिया-बिस्तर लेकर भाग खड़े हुए। उस समय आरएसएस के स्वयं सेवक सीमा पर मिलिट्री फोर्स के आने तक डटे रहे थे। मोहन भागवत ने कहा कि आज भी जरूरत पड़े और देश का संविधान इजाजत दे तो तीन दिनों में स्वयंसेवकों की सेना तैयार हो जाएगी। भागवत ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक जो भी जिम्मेवारी मिलती है, उसे बखूबी निभाते हैं। भागवत के इस बयान पर बिहार की राजनीति एक गरमाने के पूरे आसार हैं।

आरएसएस के सरसंघचालक ने बिहार प्रवास के दौरान कई कार्यक्रमों में कहा कि जिस दिन भारत में परम वैभव संपन्न हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हो जाएगी। उसी दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विसर्जन कर दिया जाएगा, उसके बाद आरएसएस नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवक तन-मन-धन से संपूर्ण देश को अपना मानता है। मोहन भागवत और संघ को लेकर अक्सर बिहार की राजनीति में बयानबाजी होती रहती है। अब जब से नीतीश कुमार एनडीए के फिर से हिस्सा बन गए हैं लालू प्रसाद के निशाने पर हैं। लालू ने रांची न्यायालय जाते समय पत्रकारों के सवाक पर नीतीश कुमार और आरएसएस पर निशाना साधा था।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा बिहार के किसानों को संघ में शामिल होने का आह्वान किया है। इसको लेकर भी विपक्ष के निशाने पर एनडीए नीतीश और मोदी हैं। राजद ने कहा है कि भाजपा किसानों के साथ धोखा कर रही है एयर इधर भागवत किसानों को आरएसएस में शामिल करने का शाजिश कर रहे हैं, जो देश के लिए घातक है। बिहार में संघ के विस्तार की चर्चा, मोहन भागवत का लगातार हो रहा बिहार दौरा और नीतीश कुमार का संघ के मुद्दे पर विपक्ष के हमले पर चुप्पी को लेकर हमला तेज होने की पुरी संभावना बढ़ गई है। आगे देखना होगा कि विपक्ष इस मामले पर कैसे प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।

Subscribe us on whatsapp