वेलेंटाइन डे पर राजद के युवा नेता और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कूद को रोक नहीं पाए। वेलेंटाइन डे पर लिखा हुआ तेजस्वी यादव का फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। तेजस्वी ने खुल कर बहुत कुछ लिखा और वैलेंटाइन डे पर मोहब्बत, प्रेम और स्नेह को अपने अनुसार परिभाषित करते हुए आग्रह किया है। तेजस्वी ने प्रेम जैसे शास्वत शब्द की भावना को स्वतंत्र छोड़ने का वकालत किया है।


तेजस्वी ने अपने फेसबुल पर आज वेलेंटाइन डे के अवसर पर लिखा है। ममता, प्रेम अथवा चाहत इस सृष्टि का ईंधन है। बीज के वृक्ष बनने की चाहत उसे पाताल से निकल कर आसमान की टोह लेने को प्रेरित करती है। प्रकृति की ममता उसे अनुकूल परिस्थिति देने की जुगत में लग जाती है। प्रेम है तो जीवन नश्वर हो कर भी निरन्तर है। जनन, प्रजनन, लालन, पालन प्रेम और ममता को प्रतिबिंबित करती है। प्रेम अटल सत्य है, इसे कोई नकार नहीं सकता।

उसके बाद तेजस्वी लिखते हैं दुनिया के लोग आज वेलेंटाइन डे यानि प्रेम का उत्सव माना रहे हैं। आपकी इच्छा हो तो मनाएँ, ना हो तो ना मनाएँ। ना किसी के दबाव या बहकावे में इसे मनाने से हिचकिचाएँ, ना ही किसी को मनाने से रोकें या उपहास करें। यह स्व-इच्छा की बात है। ना तो इसपर राज्य का दखल हो सकता है और ना किसी स्वयंभू संगठन का।
हमारी सभ्यता और संस्कृति की दीवारें इतनी कच्ची नहीं कि हर नए गतिविधि या परिवर्तन से दरक जाए। इसलिए नकारात्मकता को खुल कर नकारें और प्रतिरोध करें।

तेजस्वी आगे लिखते हैं कि सकारात्मक सोच से हर नागरिक की निजी राय, पसन्द व चुनाव को खुले दिल से स्वीकारें। मोहब्बतों के दीये जलाकर नफ़रतों का अंधकार दूर भगायें। खुद जिएँ और औरों को भी जीने दें। प्रेम है तो शांति है, शांति है तो विकास है, विकास है तो समृद्धि है। आज वेलेंटाइन डे के अवसर पर तेजस्वी का यह प्रेम निवेदन पत्र देखना है क्या राजनीतिक लोगो को प्रभावित करता है। या राजनीतिक लोग इसे सियासी सांचे में फिट कर कोई नया आकार दे देते है। जुड़े रहिये न्यूज़ बिहार के साथ हम आप तक हर खबर को सबसे पहले लाने का प्रयास करते रहेंगे।

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