न्यूज बिहार डेस्क पटना | हत्या के केस की जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं देने के मामले में आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। एक अगस्त 2017 को नीतीश कुमार की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच इस पर सुनवाई को तैयार हो गई थी।
एडवोकेट एमएल शर्मा ने याचिका में दावा किया है कि नीतीश ने विधान परिषद चुनाव के दौरान पेश हलफनामे में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक केस की जानकारी छुपाई थी। 1991 के बाढ़ लोकसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की हत्या और चार अन्य को घायल करने के मामले में नीतीश भी आरोपी हैं।
 उन्होंने कहा कि नीतीश के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी होने के बावजूद चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और वह अब भी संवैधानिक पद पर बैठे हैं। उन्होंने मांग की कि जानकारी छुपाने के आरोप में नीतीश की विधान परिषद की सदस्यता रद्द करनी चाहिए। साथ ही सीबीआई को उनके खिलाफ केस दर्ज करने का भी आदेश देना चाहिए।