पटना भी अब बेंगलुरू और हैदराबाद जैसा आईटी सेंटर के रुप में  विकसित करेगा।  बिहार सरकार इसके लिए एक रोडमैप तैयार करवा रही है और सरकार ने इसके लिए नई आइटी पॉलिसी लाने की तैयारी में है। नई आइटी पॉलिसी के तहत सरकार निवेशकों को बिहार की तरफ लाने का प्रयास कर रही है। और उन निवेशकों को सरकार वह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। जो आईटी सेक्टर की कंपनियों को बिहार की तरफ आकर्षित कर सकें।बिहार सरकार ने आई टी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पटना में एक आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन करने जा रही है। जिसमें आइटी सेक्टर को बढ़ावा देने के क्रम में पांच सालों 2017-2022 का खाका तैयार कर एक रोड मैप तय किया जाएगा। कॉन्क्लेव में देश की 36 नामी आइईटी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।

आईटी रोड मैप का खाका तैयार कर रहा है। इसमें निवेशकों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए आइटी टावर,आइटी पार्क और आइटी सिटी को विकसित किया जा रहा है। निवेशकों को वह वित्तीय छूट भी दी जाएगी जिससे वे बिहार में निवेश कर सकें। आईटी विभाग बनने के बाद भी 2007-08 में कुछ आईटी क्षेत्र की कंपनियां बिहार में निवेश करने की इच्छुक थी। लेकिन एक उम्दा आईटी पॉलिसी को अभाव मे उन्होंने अपने हाथ खींच लिए थे। आईटी विभाग जो नई आईटी पॉलिसी लाने वाला है। उनमें उन सभी कमियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। जिसे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। नई पॉलिसी में निवेशकों को पांच सालों तक का समय कंपनी को विकसित करने के लिए भी दिया जा सकता है।

राज्य सरकार ने इजीनियरिंग के छात्रों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को छूट देने की भी तैयारी कर रही है। बिहार के छात्र जो दूसरे राज्यों मे इंजीनियरिंग के सेक्टर में काम कर रहे हैं, वे बेंगलुरू, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, मुम्बई जैसे राज्यों का रुख नौकरी की तलाश में करते हैं। ऐसे में जब बिहार में ही इंजीनियरिंग के सेक्टर में निवेश होगा तो वे अपने ही राज्य में अपनी सेवाएं दे पाएंगे।नई औद्योगिक नीति में सरकार निवेशकों को अपनी कंपनी खोलने के लिए जगह तो उपलब्ध करा देगी, लेकिन उन्हें अपनी कंपनी का सेटअप तैयार करने के लिए निवेश करना होगा। इसमें राज्य सरकार उनके सेटअप तैयार करने तक 10 करोड़ रुपये तक लोन कम ब्याज दरों पर देगी। साथ ही निवेशकों को स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जाएगी। बिहार में इंटरनेट की स्पीड कम है, जिसकी वजह से निवेशक यहां आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं।

राज्य सरकार देश के दूसरे आईटी सिटी की तर्ज पर पटना में भी गेटवे लगवाएगी ताकि इंटरनेट की स्पीड बढ़ सके और ज्यादा से ज्यादा निवेशक आ सकें। प्रदेश में सात एमबीपीएस की स्पीड पर इंटरनेट की फैसिलिटी मिल रही हैं, जबकि हैदराबाद में 41 एमबीपीएस, दिल्ली व बेंगलुरू में 21-21 एमबीपीएस मिलता है। सरकार बीएसएनएल का गेटवे लगाने के लिए केंद्र सरकार से मांग भी करेगी और वन जीबीपीएस स्पीड वाले गेटवे लगाए जा सकेंगे।सूचना व प्रौद्यौगिकी विभाग के सचिव राहुल सिंह ने कहा की नई आईटी पॉलिसी लांच करने की तैयारी की जा रही है। पहले की पॉलिसी में जो कुछ कमियां थी, उसे दूर किया जा रहा है। साथ ही बेंगलुरू व हैदराबाद की आईटी पॉलिसी का भी अध्ययन किया जा रहा है। सभी को मिलाकर सशक्त पॉलिसी लाई जाएगी और कंपनियों को बिहार में एक प्लटेफॉर्म दिया जाएगा।