खुशखबरी: अगर आप का बच्चा किसी कारण से बोल या सुन नहीं पाता है, तो ये खबर सिर्फ आपके लिए है।अब पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में मूक और बधिर बच्चों का इलाज किया जायेगा। अस्पताल प्रशासन कॉकलियर इंप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। 12 सितंबर से यह सुविधा आईजीआईएमएस में शुरू हो जायेगी। अस्पताल प्रशासन ने कॉकलियर इंप्लांट लगाने का काम पूरा कर लिया है।

अस्पताल में पहले दिन दो बच्चों काे इंप्लांट लगाया जायेगा। जिसका चयन अस्पताल प्रशासन ने कर लिया है। इन दोनों बच्चों को सुनने में परेशानी हो रही है। यह इंप्लांट इएनटी विभाग के अंतर्गत लगाया जायेगा। वहीं, अस्पताल अधिकारियों की मानें, तो स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय इस सुविधा का उद्घाटन कर सकते हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

गरीब बच्चों का इलाज अस्पताल प्रशासन अनुदान की मदद से करेगा। कॉकलियर इंप्लांट पर मदद को लेकर सरकार ने भी सहमति जता दी है. सरकार की ओर से अनुदान की राशि मिलेगी। इसके बाद अस्पताल में मरीज को 35 से 40 हजार रुपये ही खर्च करने होंगे।

कॉकलियर इंप्लांट के तहत मशीन लगाने की राशि मिलती है, तो इस योजना का लाभ नवजात से लेकर सात साल तक के मूक-बधिर बच्चों को मिल पायेगा। पटना एम्स अस्पताल में इसकी शुरुआत हो चुकी है. एम्स में अब तक करीब 205 बच्चों का कॉकलियर इंप्लांट हो चुका है. जबकि, 50 बच्चे इंतजार में हैं। आईजीआईएमएस अस्पताल में ही इन्हें स्पीच थेरेपी भी दी जायेगी।

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