सात साल पहले एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था, जिससे पूरा देश हिल गया था।ये मामला  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का था. दिल दहला देने वाली यह घटना देहरादून के कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर (गोविंदगढ़) में 12 दिसंबर 2010 को सामने आई थी। यहां मित्तल अपार्टमेंट के फ्लैट में पत्नी और दो बच्चों संग रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी (38) ने 17 अक्तूबर 2010 को पत्नी अनुपमा (37) की हत्या कर दी। इसके बाद राजेश ने शव के 72 टुकड़े कर डीप फ्रीजर में डाल दिए और उन्हें एक एक कर ठिकाने लगाने लगा था।

पुलिस ने 12 दिसंबर, 2010 को ही आरोपी राजेश गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया था, तब से वह जेल में बंद है। इस हत्याकांड में करीब सात साल के ट्रायल के बाद गुरुवार को पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने राजेश गुलाटी को पत्नी अनुपमा की हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी माना और अदालत ने आज दोषी के खिलाफ फैसला सुनाया।

बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में गुरुवार को जज ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारे पति राजेश गुलाटी को दोषी करार दिया और शुक्रवार को उसे उम्रकैद की सजा सुना दी. राजेश को आईपीसी की धारा 302, हत्या और 201, सबूत मिटाने के आरोपों के तहत दोषी करार दिया गया।

देहरादून में सात साल पहले पत्नी की हत्या कर 72 टुकड़े करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 लाख जुर्माना भी लगाया। पति गुलाटी को कल गुरुवार को ही कोर्ट ने पत्नी की हत्या में दोषी करार दे दिया था।

शुक्रवार को सुबह कोर्ट में राजेश गुलाटी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के वकीलों ने सजा पर अपनी दलीलें दी। बचाव पक्ष ने जहां कम से कम सजा की मांग की। वहीं सरकारी वकील ने फांसी की सजा की मांग करते हुए अपनी दलीलें पेश की। कोर्ट ने इसके बाद कुछ देर के लिए प्रक्रिया रोक दी। फिर दोपहर ढाई बजे फैसला सुनाया। इस दौरान राजेश गुलाटी को फिर से कोर्ट में लाया गया।

कब क्या हुआ

17 अक्तूबर 2010 को आपसी विवाद में की थी पत्नी की हत्या

12 दिसंबर 2010 को अनुपमा के भाई के देहरादून पहुंचने के बाद हुआ हत्या का खुलासा

31 अगस्त 2017 को देहरादून की जिला अदालत ने माना दोषी

01 सितंबर को कोर्ट में पहले वकीलों ने सजा पर दलीलें दी, फिर कोर्ट ने राजेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पौने दो महीने बाद हुआ था हत्या का खुलासा

लंबे समय तक बहन से संपर्क नहीं होने पर 12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई सुजान कुमार प्रधान देहरादून पहुंचा। यहां उसे अपार्टमेंट राजेश गुलाटी, उसके जुड़वा बच्चे सिद्धांत और सोनाक्षी मिले। अनुपमा को घर पर न पाकर सुजान ने बिंदाल चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी तो सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ।

1999 में लव मैरिज

पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश ने अनुपमा से 10 फरवरी 1999 को लव मैरिज की थी। शादी के बाद वह 2000 में अनुपमा को साथ लेकर अमेरिका चला गया था। वहीं उसके दो बच्चे हुए। 2008 में अमेरिका से लौटकर दोनों दिल्ली आ गए। इसके बाद राजेश परिवार के साथ देहरादून में रह रहा ।

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