सिवान:- (जीरादेई )
देशरत्न डॉ राजेन्द्र बाबु कि जन्मस्थली जीरादेई आज भी विकाश से कोसो दुर है।जब कि यह गॉव स्थानिय सांसद ओमप्रकाश यादव द्वारा आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद भी लिया गया है लेकिन फिर भी किसी प्रकार का कोई बदलाव आज तक नही हुआ।

 

गौरतलब है कि यह आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रखंड कार्यालय जीरादेई से मात्र तीन किलोमीटर कि दुरी पर स्थित है जहॉ पर ठिक बगल मे उच्च विधालय,कॉलेज भी है। इस चिकित्सालय मे किसी भी प्रकार कि कोई सुविधा नही है न डॉक्टर के पर्याप्त कमरा, न ही विजली कि सुविधा, न ही पानी कि सुविधा और न दवा कि सुविधा। इस मकान कि हालत इतनी नदारद है कि कब इस मकान कि छत टुट कर गिर जाय इस कि कोई भरोसा नही है। जिस के वजह से स्थानिय लोगो कि मदद से इस अस्पताल को किराये भवन मे चलाया जा रहा है .

भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद कि धर्मपत्नी राजवंशी देवी के कर कमलो द्वारा 7 नवम्बर 1957 मे इस आयुर्वेदिक चिकित्सालय का आधारशिला रखा गया और इसका उद्धघाटन 30 सितम्बर 1966 को बिहार सरकार के राज्यमंत्री नवल किशोर प्रसाद सिंह स्वस्थ,कारा एंव सामान्य प्रशासन के द्वारा किया गया। इतना जर्जर रहते हुए इस मकान पर कोई भी जनप्रतिनिधी या स्थानिय मुखिया हो विधायक हो किसी का ध्यान नही है। इस बात को लेकर ग्रामिण बच्चा सिंह,चंद्रमा सिंह,विजय सिंह का कहना है कि काफी ही चिंता कि बात है इस गॉव का नाम देश विदेश मे प्रचलित है फिर यहा कि स्थित दयनिय है।

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