शरद यादव जी ने कहा कि यह महारैली नहीं है यह पूरे देश की ओर से बिहार में रखी गई संग्राम सभा है. बिहार के गरीब लोगों ने इंकलाब किया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सच्ची बोली से चलता है. देश जुमलों से नहीं चलेगा.  संग्राम जारी रहेगा मैं किसी से डरता नहीं हूँ.

शरद यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को जनादेश दिया था. लेकिन उस जनादेश का यहां अपमान हुआ है. जिन लोगों ने गठबंधन तोड़ा मेरी उनसे कोई लड़ाई नहीं है. देश में ऐसा राजनीतिक माहौल है जिसमें मेरी छाया भी बगावत कर गई.