पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन पर हाल ही में निर्मित आवासों में बिना आवंटन के अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने नोटिस जारी किया है और रेलवे आवास को एक सप्ताह के अंदर खाली करने का अल्टीमेटम जारी किया है ।बताया जाता है कि छपरा जंक्शन पर रेलवे के 40 नये आवास का निर्माण कराया गया है और जिन विभागों का आवास टूटा है, उन विभाग के कर्मचारियों को आवास आवंटित नहीं किया गया है और दूसरे विभाग के रेलवे कर्मचारी आवास में अनधिकृत रूप से कब्जा कर लिये हैं ।

जब संबंधित विभागों को आवास का आवंटन किया गया तब तक आवासों पर बिना आवंटन के ही अवैध कब्जा कर लिया गया था । इस वजह से यह मामला तूल पकड़ने लगा है और इसके एइएन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है ।रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार ने आवास का निर्माण कराने के बाद मंडल सहायक अभियंता को आवास हैंडओवर कर दिया और आवास में एईएन ने ताला लगा रखा था लेकिन अवैध कब्जा कर लिया गया जिनके खिलाफ एईएन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है और जब संबंधित विभागों को आवास का आवंटन मिला तो, पता चला कि पहले से ही उन आवासों पर बिना आवंटन के अवैध कब्जा कर लिया गया है ।

अकेले परिचालन विभाग के 40 आवास तोड़े गये लेकिन 23 आवास का ही आवंटन किया गया । करीब दो सौ आवास तोड़े गये लेकिन कुल 40 आवास का ही निर्माण कराया गया है जिससे यहां आवास को लेकर विवाद काफी बढ़ गयी है और इसके खिलाफ परिचालन कर्मचारियों ने पिछले दिनों छपरा जंक्शन पर धरना प्रदर्शन भी किया था जिसके कारण रेलवे प्रशासन की बेचैनी बढ गयी है । इस संबंध में पूछने पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि आवास पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है और आवास पर अवैध कब्जा करने से रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने बताया कि जिन विभागों का आवास टूटा है, उन्ही विभाग के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास का आवंटन किया गया है । पहली बार किये गये आवंटन में त्रुटि होने के कारण संशोधित आदेश दिया गया है ।

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