पटना की सड़कों पर मानवता को शर्मशार होते आजकल देखना आम बात हो गई है. ठंढ आदमी के बर्दाश्त का इम्तिहां लेने पर उतारू है, जम कर कहर बरपा रहा है. बेघरों के पास सडकों के अलावा कहीं आंजरा नहीं है। रात गुजारने और सोने को कहीं कोई आंजरा नही ऐसे में कोई है भी नहीं जो उन्हें देखे. यदि आप शाम के वक़्त राजधानी पटना की सड़कों पर निकलेंगे तो सैंकड़ो ऐसे लोग दिख जायेंगे जो कोहरे से घिरे आसाम को अपना छत बनाये ठिठुरते मिल जायेंगे.
न्यूज़ बिहार के एक नियमित युवा दर्शक मनीष यादव अपने कॉलेज जाने के क्रम में देखते हैं कि राजेन्द्र नगर पुल के नीचे के सड़क के किनारे लावारिस व्यक्ति पड़ा है. पता करने पर पता चला कि वह कल शाम से ही वहाँ ठिठुर रहा है. मनीष ने अपना कर्तव्य समझते हुए व्यक्ति की मदद करना चाहा. मनीष ने मौके से पत्रकार नगर थाना को फोन किया. थाने से उन्हें जवाब मिला कि थोड़ी देर में पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी उन तक पहुँच जाएगी.
न्यूज़ बिहार को जब इस संबंध में जानकारी मिली तो मनीष से से इस बारे में बात किया तब उन्होंने बताया कि थाने में 1 घंटे में 6 बार कॉल किया पर उन्हें बार बार यही कहा गया कि थोड़ी देर में पहुँच रहे हैं. अंत में थाने ने उन्हें मदद करने के लिए एक फोन नम्बर दिया जिसपर 4 से 5 बार कॉल करने पर भी किसी ने फोन नहीं उठाया.आसपास मौजूद लोग अनुमान लगा कर कह रहे थे की व्यक्ति मर गया. इस दरमियान पुलिस भी पहुंची पर घंटे भर से अधिक समय के बाद. अंत में पुलिस उस व्यक्ति को पीएमसीएच ले गई.
मनीष इस घटना और प्रशासन के रवैये से से काफी दुखी हुए. उनका मानना है कि पुलिस तो अपने इतिहास को दोहराते हुए देरी से पहूंची, पर हमारे समाज के लोगों की मानवता कहां गई? मनुष्य तो मनुष्य किसी जानवर को भी तड़पता नहीं देख सकती वो कैसे ये सब देखती रही। क्या कल शाम से किसी ने इस लावारिश व्यक्ति को नहीं देखा? धंटो में अपराधी और शराब को पकड़ने वाली चौकस पटना पुलिस की नजर नहीं पड़ी?
युवा छात्र मनीष इस बात को न्यूज़ बिहार से साझा करते हुए काफी दुखी थे। मनीष ने कहा कि मन में मान चुके हैं कि यदि उस व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मौत का जिम्मेदार कौन होगा ? मनीष ने कहा कि मुझे पता नहीं पर शायद हमारा सभ्य समाज, प्रशासन, कानून, सरकार, जनप्रतिनिधि इनमें से कोई तो जरूर जिम्मेवार जरूर है। अंत मे मनीष ने न्यूज़ बिहार को बताया कि उतना तो नहीं जानता पर मेरी नजर में इस बात का जिम्मेदार पत्रकार नगर थाना जरूर है।

न्यूज़ बिहार युवा मनीष यादव को उनके इस प्रयास के लिये साधुवाद देता है। इस तरह के सामाजिक सरोकार और मानवता के प्रति संवेदना अच्छे संकेत है जो अनुकरणीय हैं

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