बिहार सरकार के मुखिया एवं राज्य के पुलिस के आला अधिकारी एक तरफ पुलिस पिपुल्स फ्रेंडली की बात कर रहे हैं वहीं कुछ लोग इन मंसुबे पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। यही कारण हैं कि आज भी  पुलिस पब्लिक का रिश्ता समान्य नहीं हो सका ।आज भी  लोग थाने में जाने से डरते हैं।घटना गया जिले के वाजिरगंज थाना क्षेत्र का हैं जहाँ के पुलिसमैन ने एक लाचार बेबस महिला एवं उसके बेटे को झुठे केस में फंसाकर अपनी गुंडई का परिचय दिया हैं।

पीड़िता आशा देवी बताती हैंं कि वजीरगंज थानाध्यक्ष सहित दारोगा-मुंशी द्वारा साजिश रचते हुए झूठी केस में फँसाकर उसे एवं बेटे को जेल भेज दिया गया। अब वह न्याय के लिए हर जगह गुहार लगा रही हैं इसी क्रम मे उन्होनें ह्यूमैन के प्रदेश समन्वयक कॊ पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

गया जिले के वजीरगंज प्रखंड के वजीरगंज बाजार के माली गली निवासी आशा देवी ने मानवाधिकार आयोग के प्रदेश समन्वक ,राज़ गौतम को पत्र लिखकर लड़की छेड़खानी के मामले में वजीरगंज केस कांड संख्या 457/17 के अभियुक्त पुरा गांव के रौशन कुमार पर कोई कारवाई नही करने एवं इसी बीच रौशन कुमार एवं उसके कुछ गुर्गों द्वारा पुनः मारपीट कर लहूलुहान कर देने एवं इसकी सूचना पुलिस को देने पर उल्टा झूठी केस में फँसाकर दो नाबालिग पुत्र सहित जेल भेजने तथा इस दौरान जेल भेजने के पूर्व वजीरगंज थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक रामाज्ञा राय ,एएसआई मनीष कुमार एवं मुंशी अशोक कुमार उर्फ राजीव कुमार के द्वारा अश्लील हरकत करने एवं भद्दी-भद्दी गालियाँ देने के मामले कॊ लेकर वजीरगंज पुलिस के खिलाफ कठोर कारवाई की माँग का न्याय की गुहार लगाते हुए आवेदन दिया है।
वजीरगंज पुलिस के इस काले कारनामें को लेकर दो महीने जेल में गुजार चुके बेगुनाह पीडित आशा देवी ने राष्ट्रीय महिला आयोग एवं मानवाधिकार आयोग के पास भी आवेदन प्रेषित कर उचित न्याय के साथ आरोपितों पर कठोर करवाई के साथ आर्थिक दण्ड की माँग की है ।

मिली जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पुर्व गया एसएसपी गारिमा मलिक को भी  इस संबंध में आवेदन दिया गया हैं। तीखे तेवर एवं मृदुभाषी गया की एसएसपी सच से समझौता किए लोगो के न्याय दिलाने हेतु हमेशा तत्पर रहती हैं लेकिन कहीं न कहीं चुक की वजह से योग्यता ,कर्मठता ,दक्षता एवं अनुभव को दरकिनार कर ऐसे थाना प्रभारी का चयन हुआ हैं जो समाज को गंदे कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लोगो को नक्सली बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
पीड़ित महिला न्याय के लिए दर दर भटक रही हैं वैसे गया पुलिस की कप्तान से उसे काफ़ी उम्मीदें हैं।

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