आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इसके पूर्व संसद के सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने संध्या समय सर्वदलीय बैठक बुला कर सभी दलों के नेताओं से बातचीत किया। सभी नेताओं ने संसद की कार्यवाई को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष की बातों को प्रथमिकता देने की बात कही।

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। अनंत कुमार ने  उम्मीद जताया कि सत्र भले ही छोटा हो लेकिन जनहित के काम काज को अच्छी तरह चलाने के प्रति सरकार का रूख सकारात्म है। उन्होंने कहा कि विपक्ष से भी सरकार उम्मीद करती है कि साकारात्मकता के साथ सरकार के कार्यों में सहयोग करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उधर कांग्रेस के अगुआई में सर्वदलीय बैठक से पहले विपक्षी दलों ने बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर की है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष दोनों सदनों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक राजनयिक के मुलाकात पर गुजरात चुनाव के दौरान सवाल उठाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से माफी मांगने पर जोर देगा। चुनाव में मोदी के कथित आचार संहिता के खुलेआम उल्लंघन पर भी विपक्ष सरकार को घेरने का।मन बना चुका है।
इस बीच सूत्रों से खबर मिली है कि सोनिया गांधी ने सरकार पर संसद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोनिया गांधी सहित पूरे विपक्ष पर सदन की कार्यवाई को प्रभावित करने का पलटवार किया। उधर विपक्ष राज्यसभा में शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रद्द करने को भी मुद्दा बनाने की योजना बना चुका है। विपक्ष का मानना है कि नियमों का उल्लंघन कर दोनों सांसदों को बर्खास्त किया गया है।

शीतकालीन सत्र में आधार की अनिवार्यता के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाने की योजना है। इस के लिए टीएमसी आधार की अनिवार्यता के साथ साथ बढ़ती बेरोजगारी के सवाल पर सरकार को घेरेगी। विपक्ष इस सत्र को विलम्ब से शुरू करने के सरकार के फैसले पर भी जवाब मांगेगा। विपक्ष के तेवर को देखते हुए सरकार पर शीतकालीन सत्र को शांतिपूर्ण चलाने का दबाव जरूर रहेगा।

शीतकालीन सत्र से पूर्व सरकार द्वारा आहूत की गई सर्वदलीय बैठक में वैसे तो सब कुछ ठीक ठाक रहा। पर जिस तरह की बातें दोनों तरफ से उठ रही हैं उससे रही साबित होता है कि सदन की कार्यवाई हंगामेदार रहेगी। इधर बैठक में मौजूद सांसद और मंत्रियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को गुजरात चुनाव की समाप्ति के बाद आए एक्जिट पोल की नतीजे आये। यदि ये सही साबित हुए तो विपक्ष ज्यादा आक्रामक नहीं हो पाएगा। सत्ता पक्ष का मानना है कि सोमवार को गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे सत्र के आगे का दशा और दिशा तय करेंगे। वैसे प्रधानमंत्री ने भी सदन के शुरू होने से पूर्व सुचारू संचालन के लिए विपक्ष से सहयोग का अपील किया।

Subscribe us on whatsapp