पटना (अमन कुमार)।कला जागरण पटना की प्रस्तुति हास्य नाटक बाबूजी का पासबुक मधुकर सिंह लिखित नाटक है जिसे परिकल्पित ओर निदेशित सुमन कुमार ने किया है।बाबूजी का पासबुक एक ऐसे ताम्र पत्र से सम्मानित स्वंतत्रता सेनानी के परिवार की कहानी हैं, उन्हीं की जुबानी कहता है और दर्शाता है की आज के समाज में फैल रही अक्सरवादी गंदी सामाजिक संस्कृति पर कुठाराघात करता है।

अपने परिवार में नौकरी से अवकाश प्राप्त करने के बाद बालीबाल की तरह इधर – उधर मारा फिरता है।बेटे बेटियों ओर बहुओं से भरा पूरा परिवार बाबूजी की बीमारी की चिंता भी नहीं करता लेकिन उनके पास बुक्र मे रखे पैसे को सभी एक सूत्रों कार्यक्रम की तरह रूपये हासिल करने के लिए हर दाव पैच अपनाते हैं।यह हमारे आज समाज मे छाये हावानियत और समाज में अंतिम सासे गिन से इंसानियत के जीवत उदाहरण को हास्य व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत कि गयीं है।


वहीं कलाकार मे अखिलेश्वर प्रसाद सिन्हा, सलविंदर कुमार ,नीतिश कुमार, नितेश कुमार चाली, मिथिलेश कु सिन्हा, सौरभ,गुजन कुमार, रंगोली पाण्डेय, महिला कलाकार मे तृप्ति कुमारी, सृष्टि मंडल, विभा सिन्हा ने बेहतरीन अभिनय किया।रूप सज्जा -हीरा लाल/उपेन्द्र कुमार, प्रस्तुति संयोजक रोहित कुमार,संगीत – गुजन कुमार मंचन किया गया।

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