न्यूज़ बिहार डेस्क, जदयू प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने शनिवार को लालू यादव के नाम एक बार फिर खुली चिट्ठी लिखी है. गुजारिशनामा के बाद कबूलनामा के नाम से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लिखी गई चिट्ठी में नीरज कुमार ने लालू प्रसाद से अपने गुनाहों को कबूल करने की अपील की है. सृजन घोटाला में भी घेरने की कवायद जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कबूलनामा की शुरुआत सृजन घोटाले की चर्चा से की है और कहा कि लालू यादव को यह कबूल करना चाहिए सृजन घोटाले की शुरुआत राबड़ी देवी के मुख्यमंत्रित्व काल में हुई थी और लालू की पत्नी ही सृजन घोटाले की जनक मनोरमा देवी को कार्यालय और जमीन देने के लिए जिम्मेवार है.

नीरज ने कहा कि लालू यादव को यह भी कबूल करना चाहिए कि जैसे ही उन्होंने सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की कि तत्काल राज्य सरकार ने इस की अनुशंसा कर दी. सृजन जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितता को मामले ऊपर उठाने से बचने की सलाह उन्होंने लालू को दिया और कहा कि राजद सुप्रीमो को यह कबूल करना चाहिए कि वित्तीय अनियमितता के मामले को उठाने की नैतिक पात्रता नहीं है क्योंकि वह खुद भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता हैं. भागलपुर दंगे पर भी लालू को घेरा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव सृजन घोटाला को लेकर भागलपुर के दौरे पर हैं. भागलपुर दंगे की याद दिलाते हुए नीरज कुमार ने कहा कि भागलपुर दंगा बिहार के माथे पर एक कलंक था और लालू यादव को यह कबूल करना चाहिए कि दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाए दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया. नीरज ने कहा कि भागलपुर दंगा में मृत तथा लापता व्यक्तियों को जीवन भर पेंशन तथा उनके पुनर्वास की योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुई. घोटालों को कबूल करें लालू नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव को भागलपुर में सृजन घोटाला से पहले अपने कार्यकाल में हुए घोटालों पर चर्चा करनी चाहिए. चारा घोटाला, डिग्री घोटाला, अलकतरा घोटाला, रेलवे होटल टेंडर घोटाला, संपत्ति निर्माण योजना, बेनामी संपत्ति अर्जन जैसे गुनाहों को कबूल करने की सलाह देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद यादव राजनीति में धंधा करते हुए मंत्री विधायक एवं सांसद बनवाने के लिए राजनीतिक भयादोहन करते हैं. पाप का प्रायश्चित करें लालू नीरज कुमार ने कहा कि भागल पुर यात्रा के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अपने गुनाहों को कबूल करना चाहिए तथा जनता की अदालत में उन्हें सपरिवार क्षमा प्रार्थना कर राजनीतिक पापों का प्रायश्चित करना चाहिए.

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