आरा/ शाहपुर : भाई विशेश्वर ओझा की हत्या की गुत्थी सुलझाने में यदि राज्य पुलिस सक्षम नहीं है तो इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं महामहिम राज्यपाल से मिलकर करूंगा। क्योंकि उक्त हाई प्रोफाइल राजनीतिक साजिश के तहत कराये गये इस हत्याकांड में अभी बहुत कुछ पर्दा में है।

भाजपा के दिवंगत नेता सह तत्कालीन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्व विशेश्वर ओझा के द्वितीय पुण्यतिथि पर शाहपुर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विन चौबे ने उनके तैलयचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद कहा कि बिहार की जनता आज भी वीर विशेश्वर को याद करती है। विशेश्वर ओझा अलौकिक प्रतिभा के धनी थे वो कभी हार नही मानने वाला कर्मठ योद्धा थे। वीर पिता के वीर पुत्र राकेश की करुण आवाज दिल पीड़ा देता है। विशेश्वर ओझा के नही रहने के बाद हमे उनके व्यक्तित्व के बारे में लोगो को जानकारी मिली।अहिंसा से ही आजादी मिली थी हिंसा का जवाब हिंसा कभी नही हो सकता। 12 फरवरी हमारे लिए काला दिन है।

यदि पुलिस प्रशासन चुस्त रहती तो उनके हत्या के आरोपी और साजिशकर्ता बाहर नही रहते।तत्कालीन डीजीपी ने कहा था कि अपराधियों को गिरफ्तार करेंगे लेकिन कुछ बाते और भी है जो हम कह नही सकता। स्व विशेश्वर ओझा की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी। विशेश्वर ओझा के हत्या के आरोपी आज भी फरार है और साजिशकर्ता तक आज भी पुलिस नही पहुंच पाई है। मै इन बातों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करूंगा और वस्तुस्थिति से अवगत कराऊंगा।हत्या में प्रतियुक्त हथियार कहां से आया था साजिश का पर्दाफाश होना अभी बाकी है। यदि पुलिस सक्षम नही है तो सीबीआई को सुपुर्द कर दिया जाय। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। लेकिन राज्य सरकार ने इसे नही मानी। तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री से बात की थी लेकिन तब कुछ नहीं हो पाया।

भाजपा नेता स्व विशेश्वर ओझा के द्वितीय पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित हजारो लोगो को संबोधित करते हुए स्व विशेश्वर ओझा के पुत्र राकेश विशेश्वर ओझा ने कहा कि भगवान किसी भी पुत्र को ये दिन ना दिखाये की उसे अपने नौजवान दिवंगत पिता की पुण्यतिथि मनाने पड़े इस कथन के साथ ही उनका दर्द भी आंसू के रूप छलक पड़े। पिता के हत्यारों को न्यायायिक प्रक्रिया के तहत इंसाफ दिलाने की कोशिश जारी है। लेकिन यह भी सत्य है कि इंसाफ भीख मांगने से नही मिलने वाला। इसके लिए कई तरह से प्रयास करना होगा। सबसे बड़ी बात यह कि प्रशासन इस हत्याकांड के पीछे के साजिशकर्ताओं पर ठोस सबूत होने के बावजूद कुछ नहीं कर पा रहा है जो चिंता की बात है।

इस उम्र में कोई बेटा नही चाहता होगा उसके जीवन में ऐसा वक्त आये इसके साथ ही राकेश विशेश्वर ओझा के आंसू छलक आये। मुझे गर्व है कि मै विशेश्वर ओझा का पुत्र हूं। कानून पर भरोसा है पिता के अधूरा कार्यो को पूरा करूंगा। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विन चौबे से आग्रह किया कि वो पिता के हत्यारों को सजा दिलवाने का काम करे।

स्व विशेश्वर ओझा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए उनकी भवह सह पूर्व विधायक मुन्नी देवी एवं उनके अनुज भुअर ओझा ने भावुक लब्जो कहा कि बड़े भाई स्व विशेश्वर ओझा को मुझसे ज्यादा कोई नहीं जानता।हमने बचपन से लेकर अंतिम क्षणों तक कई कार्य किये थे लड़ाइयां भी साथ ही लड़ी थी।उनके हत्या के साजिशकर्ता स्थानीय विधायक राहुल तिवारी शामिल थे और अबतक झूठ बोलते आ रहे है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी हरेश मिश्र ने हत्या के पूर्व और हत्या के बाद विधायक से फोन पर बात की थी। जो अपने आप मे संदेहास्पद है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण न्यायालय ने बिहार सरकार पर जुर्माना लगाया था।सरकार और कानून कार्य कर रहा है। भारत सरकार से मांग करते हैं कि इस हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिया जाय। क्योंकि पुलिस द्वारा हत्याकांड में प्रतियुक्त रायफल एवं कारबाइन सहित कई अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग किया गया था। उसका स्वामित्व भी पुलिस अबतक पता नही कर पाई है।

वीर विशेश्वर ओझा के द्वितीय पुण्यतिथि श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन शाहपुर हाई स्कूल के मैदान में किया गया। समारोह में उपस्थित हजारो लोगो ने वीर विशेश्वर अमर रहे के नारे लगाये।साथ ही एक स्वर में कहा कि विशेश्वर ओझा को सच्ची श्रद्धांजलि तब मिलेगी जब उनके हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियो को सजा मिल जाये। विश्व हिंदू परिषद की अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता साध्वी सरस्वती ने कहा समाज में अच्छे कार्य करने वाले लोगो को दूसरे पीछे पड़ जाते है।व्यक्ति के आचरण ही उसे महान बनाता है। विशेश्वर ओझा भी सभी को एक साथ लेकर चलने वाले थे। जो मरने से डरता है वो शेर की तरह जी ही नही सकता।उनकी हत्या की सीबीआई जांच करने की मांग करती हूं जिसकी मांग पहले भी उठती रही है। सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता। उनके नाम पर गोशाला खुलेगी गो माता की रक्षा के लिए गो एम्बुलेंस चलाई जाय।धर्म के बारे में बच्चों को सनातन धर्म की बाते बतानी होगी। हमारी सरकार नकली जनेऊ धारण नही करती। गौ सेना वाहिनी का गठन किया जायेगा और गोशाला खोला जायेगा जो स्व विशेश्वर ओझा के नाम पर होगा। एमएलसी राधाचरण सेठ ने कहा कि स्व ओझा समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर चलते थे। विशेश्वर ओझा समाज के वंचित लोगो के प्रति काफी संवेदनशील थे।

बक्सर विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने कहा कि उनके साथ मेरी चट्टानी जोडी थी।उनके हत्यारो एवं साजिशकर्ताओं को भी सजा मिलेगी। हमने शोषित की आवाज बनने का काम किया है। विशेश्वर ओझा गरीबो दलितों की आवाज थे अपने आप मे एक बुलंद आवाज थे। कानून का डंडा कातिलों पर जरूर करवाई होगी। भाई विशेश्वर हमारे दिल,दिमाग और स्मृतियों में है।

पूर्व काराकाट विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि स्व विशेश्वर ओझा ने मातृभूमि की रक्षार्थ अपने प्राणों की आहुति दी है। वही महिला आयोग के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक दिलमणि देवी ने कहा कि स्व विशेश्वर ओझा के हत्या के साथ ही हमारा आधा अंग टूट गया। पुण्यतिथि समारोह में लोगो को सम्बोधित करते हुए पूर्व जीप अध्यक्ष हाकिम प्रसाद,भाजपा बुद्धिजीवी मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष शम्भू नाथ पांडे,बक्सर जिला भाजपा अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश सिंह,पूर्व जीप सदस्य नंद कुमार ओझा,अंजनी तिवारी,पिंकी पाठक,मधु मिश्र,दुर्गा चरण मिश्र, रामजी तिवारी, मंगलाचरण तिवारी, नप अध्यक्ष शाहपुर वशिष्ठ प्रसाद,नप अध्यक्ष बिहियां दीपक आलोक सहित कई नेताओं ने कहा कि विशेश्वर ओझा एक ब्रांड थे गरीबो,वंचितों एवं शोषितों के आवाज थे। उनकी हत्या पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया बिदुर राम तथा संचालन अवकाश प्राप्त प्राचार्य डा ब्रह्मेश्वर मिश्र उर्फ ददन मिश्र ने की। पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि समारोह में स्व विशेश्वर ओझा के तैलयचित्र पर बिहार सहित अन्य प्रदेशों से आये हजारो लोगो पुष्पांजलि अर्पित की।

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