आरा / पिरो : शहीद का शव जब बुधवार की सुबह पीरो पहुंचा तो अपने लाल के इंतजार में यहां मौजूद हजारों लोग शहीद के दर्शन की बेताब हो उठे। यहां वीर मोजाहिद अमर रहे और पकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे।

सीआरपीएफ के वाहन के पीरो गांव पहुंचाने के बाद जब शहीद के शव को वाहन से उतारा जाने लगा तो हजारो हाथ शहीद के पार्थिव शरीर को थामने के लिए आतुर हो उठे। सुबह करीब 7 बजकर 45 मिनट पर शहीद के शव के यहां पहुंचाने के बाद से करीब 3 बजे सुपुर्द ए खाक होने तक करीब आठ घंटे तक हजारों की संख्या में लोग शहीद मोजाहिद की अंतिम यात्रा में शामिल रहे। करीब 2 बजे दिन में पड़ाव मैदान में आयोजित जनाजे की नमाज में भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसके बाद पीरो स्थित कब्रिस्तान में जब सीआरपीएफ के जवानों ने मातमी धुन के बीच अपने शहीद जवान को सलामी दी तो यहां मौजूद हजारों की संख्या में लोगों का सीना पीरो के लाल की शहादत पर गर्व से चौड़ा हो गया।

इसके बाद शहीद मोजाहिद के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा समाप्त होने के बाद सीआरपीएफ के डीआईजी के सज्जानुदिन और सीआरपीएफ कोईलवर के कमांडेंट भूपेश यादव ने शहीद मोजाहिद के पिता को राष्ट्रीय ध्वज सौपा।

शहीद मोजाहिद के शव के साथ यहां पहुंचे सीआरपीएफ के अधिकारियों ने शहीद के परिजनों को 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। सीआरपीएफ के डीआईजी के सज्जानुदिन ने बताया कि नियमानुसार शहीद के परिजनों को तत्काल सहायता राशि के रूप में 50 हजार का चेक दिया गया है। इसके अलावा सरकार और विभाग की ओर से दी जाने वाली अन्य सारी सुविधाएं और राशि आवश्यक कार्रवाई पूरा करने के बाद जल्द ही शहीद के परिजनों को दे दी जाएगी। डीआईजी ने यह भी कहा कि शहीद के परिजनों को मिलने वाली सभी सुविधाएं जल्द से जल्द मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

स्थानीय पड़ाव मैदान में आयोजित शहीद के जनाजे की नमाज के पूर्व तकरीर में पीरो स्थित जामा मस्जिद के इमाम ने शहीद के पिता की ओर से सरकार से ये मांग रखी कि पीरो में शहीद के नाम पर मोजाहिदुल इस्लाम उर्दू कालेज की स्थापना कराई जाए। यहां मौजूद हजारों की संख्या में लोगों ने भी कालेज की स्थापना जल्द कराने की मांग सरकार से की।

Subscribe us on whatsapp