आरा : भोजपुर में मनरेगा की गाड़ी पटरी से नीचे उतर गई है। मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। उनकी मजदूरी का पैसा भी विभाग में पड़ा है। छह माह से मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं होने से परिवार में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मनरेगा में काम करने वाले गरीब अब राज्य से बाहर काम की तलाश में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

इसकी भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भोजपुर राज्य रैंकिंग में 26वें पायदान पर पहुंच गया है। कभी यह जिला राज्य की रैकिंग में सभी जिलों से आग एक नंबर पर खड़ा था। यहां मानव दिवस सृजन का लक्ष्य 30 लाख के विरुद्ध मात्र 10 लाख ही हो गया है। मजदूरों की मजदूरी, सामग्री मद व अन्य मद में साढ़े तीन करोड़ रुपया बकाया है।

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