शराब पीकर नहीं मारा मेरा भाई,ये कहते हुए भोजपुर के पिरों के लाल शहीद मो० मुजाहिद के भाई ने बिहार सरकार द्वारा दी गई पांच लाख की सहायता राशि को लौटा दिया। इस बात को लेकर भी परिवार में काफी रोष है कि सरकार की तरफ से कोई भी मंत्री शहीद के अंतिम यात्रा में नहीं पहुंचा। हालांकि इस बात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पर मीडिया की खबरों में इस बात को जोर-शोर से उठाया जा रहा है कि शहीद के परिजनों ने राशि लौटा दी है।

इस विषय पर जिलाधिकारी ने कहा कि अभी तक इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। न हीं शहीद के परिजनों को सहायता राशि का चेक ही अब तक दिया गया है। जैसा कि नियम है राज्य सरकार शहीद के परिजनों को पांच लाख की सहायता राशि प्रदान करती है। इस तरह के प्रावधान का उन्होंने हवाला दिया। जिलाधिकारी के साथ साथ अनेकों उच्चाधिकारी अंतिम यात्रा पर मौजूद थे। हालांकि इसके अलावा भी कई तरह की बातें सामने आ रही है। परिजनों ने राशि को सम्मानजनक नहीं बताया तथा यह भी कहा कि यदि राशि सम्मानजनक मिलती है तो उन्हें परिवार के विकास के लिए स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

जिलाधिकारी से क्षेत्र में  बन रहे स्टेडियम का नाम शहीद के नाम पर रखने की बात भी रखी गई। राशि से संबंधित बात भी जिलाधिकारी के सामने रखा गया।जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैं इन बातों से सरकार को अवगत करा दूंगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पूरे भोजपुर सहित बिहार के लिए गर्व की बात है कि पिरो का लाल मुजाहिद ने देश सेवा में कुर्बानी दी है।

लाखों लाख की संख्या में उमड़ा जनसैलाब ने अपने बहादुर सेना के जवान मोहम्मद मुजाहिद को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर लोगों ने कई तरह के सुझाव सरकार तक पहुंचाने का अनुरोध किया। मुजाहिद के पिता ने छलकती आंखों से इस बात को बताया कि मुजाहिद बड़ा ही मिलनसार था। उसके गांव में आते ही गांव सहित आस पड़ोस के युवा घेर लेते थे। अक्सर मुजाहिद खुद को देश के लिए कुर्बान होने की बात कहता था। हमें फक्र है उसने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। उसके जाने के बाद परिवार के भरण पोषण की चिंता होने लगी है। सरकार को चाहिए कि शहीदों के आश्रितों के लिए उचित व्यवस्था करे।

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