जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एन.ए.पी.एम) का राज्य सम्मलेन 10-11 फरवरी से बोध गया में मेधा पाटकर करेंगी समापन।
राज्य के 20 से अधिक जिलों के प्रतिनिधि करेंगे “बिहार के नवनिर्माण और जनांदोलनों की राजनीति” पर चर्चा होगी।

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय का तीसरा राज्य सम्मलेन 10 -11 फ़रवरी को जीवन संघम, दो मुहान, बोध गया में आयोजित किया जा रहा है. सम्मेलन में राज्य के सभी जिला से विभिन्न जन आन्दोलन के साथी भाग लेंगे. देश के अन्य राज्यों से भी एन.ए.पी.एम के साथी भाग लेंगे. सम्मेलन का मुख्य विषय है-“बिहार के नवनिर्माण की चुनौती और जनांदोलन की राजनीति”



न्यूज़ बिहार को दी गई जानकारी में संगठन से जुड़े लोगों ने कहा कि हम एक ऐसे समय में हैं जहां लोकतंत्र की नीव पर हमला हो रहा है। मामला कितना गंभीर है यह सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के मीडिया को दिए गए बयान से पता चलता है। ऐसे में बड़े जन आन्दोलनों की भूमिका और भी गंभीर और चुनातिपूर्ण हो जाती है।

बिहार में भी लोगों के वोट के साथ किये गए धोखे से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है। जनता प्रमुख राजनीतिक दलों के चुनावी तिकड़म, भ्रष्टाचार और सत्ता के लिए अपने मौलिक वसूलों से समझौता करने की राजनीति को देख रही है। बिहार के नेताओं का बिहार के निर्माण के लिए विचार शुन्यता, भ्रष्टाचार, सरकारी अधिकारीयों का अनुदार रवैया, पुलिस बल का दुरपयोग, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा की बदहाल स्थिति, मजदूरों को काम न मिलना, किसानों के फसल के उचित दाम न मिलना, बाढ़ पीड़ितों के साथ सरकारी उपेक्षा, भूमिहीन- पर्चाधारी लोगों को जमीन पर कब्ज़ा न मिलना, स्वास्थ्य वयस्था का खस्ता हाल, सांप्रदायिक ताकतों का बढ़ना , गरीब शोषित वर्ग के लोगों का सरकार की योजनाओं का लाभ न उठा पाना ऐसी अनेक समस्याएँ बिहार की केंदीय राजनितिक बहस से गायब है। एक मजबूत वैकल्पिक राजनीति के आभाव में एक राजनीतिक vaacum की स्थिति बन गयी है। इस माहौल में बिहार के लोगों की खासकर युवाओं की आगे बढ़ने की आकांशा एक जबरदस्त द्वन्द पैदा कर रही है। संभव है कि इन द्वंदों से नई शक्तियां जन आन्दोलनों के रूप में उभरें।

जन आन्दोलनों के लिए बिहार का नवनिर्माण एक गंभीर चुनौती है। यह एक घड़ी है भविष्य की दिशा तय करने की। गया की ऐतहासिक जहां संघर्ष का एक लंबा इतिहास रहा है। वहाँ एन.ए.पी.एम् का राज्य सम्मेलन जनांदोलनों की राजनीति को दिशा देने का महवपूर्ण काम करेगी।

राज्य संयोजक मंडल की ओर से : आनंद पटेल, आशीष रंजन, कामायनी स्वामी, वीरेंदर कुमार राय, महेंद्र यादव, मणिलाल, शाहीद कमाल, सिस्टर डोरथी शामिल होंगे। समापन प्रसिद्ध समाजसेविका मेधा पाटकर जी के द्वारा किया जाएगा।

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