न्यूज़ बिहार डेस्क: भागलपुर के झंडापुर थाने के हरिजन टोला के कनिक राम (50), इसकी पत्नी मीना देवी ( 45) और इनका बेटा छोटू (10) और बेटी बिंदी (17) अपने घर में सोए थे। सुबह बगल के लोगों ने खून देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस के पहुंचने पर देखा कि कनिक राम और उसकी पत्नी ने तो ठौर पर ही दम तोड़ दिया था। बेटे और बेटी बुरी तरह जख्मी हो बेहोश पड़े है। घायलों को फौरन अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। जहां बेटे छोटू ने दम तोड़ दिया। बेटी बिंदी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। भागलपुर के डाक्टरों ने उसे पटना मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर किया है। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोट है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है।

पुलिस के अनुसार  यह वाकया इतवार तड़के और गंगापार नवगछिया के झंडापुर थाने के हरिजन टोला का है। नवगछिया के डीएसपी मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि  लाशों को देखने से लगता है कि हत्या किसी घातक हथियार और कई जनों ने मिलकर की है। हत्यारों का पता नहीं चल सका है।  दरअसल पुलिस भी हत्या की वजह नहीं जान स्की है। डीआइजी विकास वैभव के मुताबिक ग़ांव वाले कुछ बता नहीं पा रहे है। घायल लड़की को पटना इलाज के लिए भेज गया है। उसके होश में आने पर ही हकीकत सामने आने की उम्मीद है। यों नवगछिया पुलिस मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

डीएसपी के मुताबिक यह बेहद गरीब परिवार है। न धन है न जमीन जायदाद । आखिर इस कदर  दर्दनाक तरीके से इनकी हत्या करने का मकसद समझ से परे है। यह अनुत्तरित सवाल है। इस सिलसिले में पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की है। मगर हत्यारे अज्ञात है। शंका यह भी जताई जा रही है कि हमलावर मृतक की बेटी से कहीं दुष्कर्म तो नहीं करना चाह रहे थे ? यह पुलिस जांच का भी मुद्दा है।

मिली जानकारी के मुताबिक डीएसपी मुकुल बताते है कि मृतकों और घायल के जख्म देख अंदाजा लगाया जा रहा है कि पहले इनकी बेहरमी से पिटाई की गई और फिर घातक हथियार से हमला कर जान ले ली। लेकिन पक्की तौर पर कोई कुछ नहीं बोल पा रहा है। दिक्कत है कि बगलगीर या ग़ांव के लोग इनकी हत्या से दुखी जरूर है। मगर कुछ बताने को तैयार नहीं है। डीआइजी के मुताबिक पुलिस तहकीकात जारी है। हैरत की बात कि  नवगछिया इलाका  चार लड़कों की हत्या की वजह से बीते एक हफ्ते से दहशत में था। पुलिस के आलाधिकारी भी परेशान थे। अब इतवार को हुई एक महादलित परिवार के तीन जनों की हत्या ने तो सिरदर्द कर दिया है। आईजी सुशील खोपड़े और डीआइजी विकास वैभव अपने मातहत के साथ नवगछिया इलाके के खूनी खेल को रोकने के लिए लगातार  बैठकें  कर रहे है। खुद भी दौरा कर रहे है। पर नतीजा सिफर है।

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