अभी अभी प्राप्त सुचना के अनुसार अगर सूत्रों की मानी जाए तो लालू प्रसाद जल्दी ही चारा घोटाला मामले में जेल से रिहा हो सकते हैं। चारा घोटाले के मामले में डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी मामले में सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के सामने सरकारी गवाह और तत्कालीन मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे ने एक ऐसा खुलासा किया है। जिससे केस की सुनवाई कर रहे जज प्रदीप कुमार भी आवाक रह गए।


आपको बता दें सीबीआई की ओर से आज गुरुवार को चारा मामले में चल रही कार्रवाई में तत्कालीन मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे ने अपना बयान दर्ज कराया।उन्होंने कहा उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और लोक लेखा समिति के चेयरमैन जगदीश शर्मा की इस मामले में रत्ती भर भी कोई गलती नहीं है। बल्कि लालू प्रसाद ने तो उल्टे दोषियों को गिरफ्तार करने के आदेश पर हस्ताक्षर किया था। पूरी घटना को तफ़सील से बताते हुए विजय शंकर दुबे ने परत-दर-परत अपना बयान दर्ज कराया।

विजय शंकर दुबे ने न्यायालय को बताया कि उन्हें 19 जनवरी 1996 में फ्रॉड लैंड विड्रावल की जानकारी मिली थी। उसी पल वे इसकी जानकारी सभी संबंधित पदाधिकारियों को देना चाहते थे। पर 2 दिनों की छुट्टी के कारण तीसरे दिन कार्यालय पहुंच कर सबसे पहला काम उन्होंने यही किया। सभी जिला के डीसी को पत्र लिख और फोन कर जानकारी मांगी। इसके साथ ही वित्त विभाग के सदस्यों की एक टीम को जांच के लिए संबंधित जिला में तत्काल भेज दिया। उसके बाद 28 जनवरी 1996 को उनके पास रिपोर्ट आई। जिसमें यह पुष्टि हो गई कि काफी बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। इस खुलासे के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिख गुनाहगारो पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने का आग्रह किया। इस पत्र के आलोक में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने 31 जनवरी 1996 को प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अनुशंसा कर दी।

सीबीआई न्यायालय में विजय शंकर मिश्र के बयान के बाद कोर्ट में सीबीआई के वकील इस पूरे वृतांत को सुन गंभीर नजर आए। वही न्यायालय कक्ष में मौजूद लालू प्रसाद और जगदीश शर्मा अदालत की कार्यवाही में शांत होकर सुनते रहे। जब गवाही की प्रक्रिया पूरी हुई तो जज ने लालू प्रसाद से बात किया। जवाब में लालू प्रसाद ने मुस्कुराते हुए कहां हजूर हमने तो खुद वकालत पास किया है। आगे लालू ने कहा कि हुजूर गलती एजी की है हम तो निर्दोष हैं और यूँ ही बलि का बकरा बने हुए हैं।  3 घंटे से ऊपर चली इस कार्यवाही के बाद जब लालू प्रसाद और अन्य आरोपी जब कोर्ट परिसर से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर कुछ अलग तरह के भाव नजर आ रहे थे।

कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही लालू प्रसाद को मीडिया वालों ने घेर लिया और कई सवाल दाग दिए।इसके जवाब में लालू प्रसाद ने सिर्फ मुस्कुराते हुए इतना कहा की सारा दोष एजी का है। ये बात मैंने जज साहब को भी बता दिया है। इसके बाद मीडिया राजद कार्यकारिणी के गठन और शहाबुद्दीन को कार्यकारिणी से बाहर निकालने के मामले पर तत्काल लालू प्रसाद से सवाल दाग दिया। जिसके जवाब में लालू प्रसाद ने कहा कि मीडिया को चाहिए कि उपर्युक्त समय पर सही और माहौल के अनुरूप सवाल पूछे। लालू प्रसाद के इतना कहते ही मीडिया के लोगों में चुप्पी छा गई।सूत्र बता रहे हैं कि आज लालू प्रसाद के चेहरे पर एक अलग तरह की चमक दिख रही थी।

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