न्यूज़ बिहार की एक और खबर पर लगी मुहर, बिहार में उपचुनाव को लेकर जो NDA में घमासान मचा हुआ था वह अंतिम दौर में पहुंच गया है। जीतन राम मांझी जिन्होंने जहानाबाद सीट पर अपनी दावेदारी पेश किया था और जवाब नही मिलने पर अज्ञातवास ले लिया था। आखिरकार बिग बॉस भाजपा और जदयू को अपनी बात मनवाने में कामयाब हो गए। इस बात की सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि जहानाबाद सीट पर जीतन राम माझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा NDA गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेगी।

न्यूज़ बिहार उप चुनाव की घोषणा के साथ ही बिहार की राजनीति और विभिन्न गठबंधनों व दलों में होने वाले हर हलचल की खबर से अपने पाठकों को रूबरू कराता रहा है। आज संध्या समय जैसे ही माझी के रूठने और अज्ञातवास में जाने की सूचना मिली वैसे ही हमने इस खबर पर नजर रखना शुरू कर दिया था। जानकारी मिली कि बिग बॉस भाजपा के तरफ से प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय जीतन राम मांझी की खोज में निकल पड़े हैं। लंबे समय तक जीतन राम मांझी के साथ बंद कमरे में हुई गुफ्तगू के बाद यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि जीतन राम मांझी की मांग NDA में मान ली गई है।

NDA द्वारा जीतन राम मांझी की मांग को मान लेने की खबर से एक तरफ जहां न्यूज़ बिहार की खबर हकीकत होती दिख रही है। वही इस फैसले के चर्चा में आने के बाद से विपक्ष की बांछे खिल गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अब NDA में होने वाली टूट को कोई नहीं रोक सकता। क्योंकि इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा चुप रहने वाले नहीं हैं। वैसे भी जब से नीतीश कुमार इंडिया में वापस आए हैं कुशवाहा असहज महसूस करने लगे हैं।

आपको बता दें कि चर्चा तो यहां तक है कि मांझी को जहानाबाद सीट दिलवाने में नितीश कुमार का सबसे बड़ा हाथ है। इससे उन्होंने एक तरफ कुशवाहा से बदला ले लिया तो दूसरी तरफ एक भी सीट पर अपनी दावेदारी नहीं पेश कर NDA में त्याग की मूर्ति बन गए। इसके पीछे नीतीश कुमार बिहार की जनता के मन मिज़ाज को भी टटोल लेंगे और यदि NDA हारती है तो उसमें नीतीश कुमार हार से बचे रहेंगे। रहा सवाल लाभ हानि का तो इस त्याग को सूद समेत 2019 के चुनाव में वसूल लेंगे।

वैसे आपको बता दें कि अभी तक जहानाबाद या अन्य किसी भी सीट पर अधिकारिक रूप से अंतिम फैसला किसी भी दल या गठबंधन की तरफ से सामने नहीं लिया गया है। पर जो सूत्रों से जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार अररिया और भभुआ सीट पर भाजपा और जहानाबाद सीट पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा NDA गठबंधन की तरफ से अपने अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन में भी उठापटक की खबर सामने आई है। कांग्रेस के तरफ से भभुआ विधानसभा सीट पर दावेदारी ठोकी गई है। कांग्रेस का कहना है कि भभुआ की सीट उसकी पारंपरिक सीट है। इसलिए राष्ट्रीय जनता दल को चाहिए कि भभुआ की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दें। अब आगे देखना होगा बिहार की राजनीति में कौन अकून सा रंग लेकर आता है यह उपचुनाव का फगुनहटी बयार।

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