अगर भाजपा सरकार ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को रिलीज कराया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने को भी तैयार रहे। पद्मावती सिनेमा को लेकर राजपूत करनी सेना ने बहुत ही कड़ें शब्दों में साफ साफ केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को चेतावनी दिया है। हालांकि इधर सूत्र बता रहे हैं कि संजय लीला भंसाली ने पद्मावती पर हो रहे विवाद के बाद सिनेमा के नाम में बदलाव करते हुए अब उसका नाम ‘पद्मावत’ कर दिया है।

इसके बाद भी विरोध करने वालों का कहना है कि नाम बदलने से सिनेमा के आपत्ति वाले दृश्य नहीं बदल जाते हैं। उससे भी बड़ी बात हैं कि अब जब कि इस सिनेमा को बनाने वालों की नीयत और नीति ठीक नही है ऐसे में इस सिनेमा का प्रदर्शन भारत के माथे पर कलंक का टीका लगा देगा। इस लिए नाम बदलने के बाद भी फिल्म के साथ जुड़ा विवाद और विरोध काम नहीं होने वाला है। इस फिल्म का शुरू से ही विरोध कर रही करनी सेना ने फिर से चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फिल्म को प्रदर्शित किया गया तो वह पूरे देश में धरना-प्रदर्शन करेगी। करणी सेना ने इसके आठ ही सिनेमा में पैसा लगाने वालों के नाम सामने करने और इसकी जांच कराने का मांग भी रखा है।

संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर करणी सेना के हवाले से कहा गया है कि मोदी सरकार के द्वारा हमें आश्वासन मिला था। उसके बावजूद भी किसके दबाव में फ़िल्म को हरी झंडी दी गई ये बात सामने लानी होगी। करनी सेना ने कहा है कि पद्मावती चाहे जिस रूप या परिस्थिति में रिलीज होगी पूरे देश को झुलसा देगी। अगर पद्मावती रिलीज़ हुई तो राजपूत समाज के साथ साथ देश से प्यार और लगाव रखने वाले अन्य संवेदनशील लोग बेकाबू हो जाएंगे। हम नहीं चाहते हैं की किसी तरह का टकराव, हिंसा या नाहक जानबूझ कर कोटि विकट स्थिति उत्पन्न हो। हम सरकार और संबंधित विभाग और लोगों से भी आग्रह करते है हमें मजबूर न किया जाए।

इस बीच जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार 30 दिसंबर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड CBFC (सीबीएफसी) ने फिल्म ‘पद्मावती’ को बिना किसी कट के UA (यूए) सर्टिफिकेट देने का फैसला ले लिया था। इसके साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि इस सिनेमा के निर्देशक को नाया नाम बदलने का सुझाव दिया गया था। उसके बाद ही पद्मावती से इस सिनेमा का नाम पद्मावत रख कर रिलीज की तैयारी शुरू कर दी गई है। सेना के नेता सुखदेव सिंह ने इस मामले में फ़िल्म सेंसर बोर्ड पर आरोप लगाते हुए ये भी कहा है कि सेंसर बोर्ड प्रमुख प्रसून जोशी को हटा देना चाहिए। सुखदेव सिंह ने कहा है अब तक फिल्म बनाने वाले संजय लीला भंसाली जेल से बाहर कैसे खुल्ला घूम रहे हैं। इसके साथ ही सेना के द्वारा इस सिनेमा के निर्माण में काले धन का खुल कर इस्तेमाल किये जाने का भी शक जाहिर किया है। उसके साथ ही फिल्म के बजट पर सवाल उठाते हुए देश में जब नोटबंदी लागू थी तब बने इस सिनेमा में बेतहाशा खर्च पर भी प्रश्न उठाते हुए जांच का मांग किया है।

पद्मावती सिनेमा के निर्माण के समय से शुरू हुई इस पर विरोध की आग कभी भी ठंढी नहीं हुई। जब जब इसे शांत करने का प्रयास किया गया और भड़कती चली गई। भीतर ही भीतर इस आग की तपिश ने पूरे देश में तपिश बाधा दिया है। अगर इस मामले में जरा भी असावधानी या बिना सोचे समझे कोई फैसला लिया गया तो पूरा देश इसके तितकी से झुलसने की संभावना है। आशा है कि सरकार और विरोध में खड़े लोग में से कोई भी नहीं चाहेगा की सिनेमा को नाम पर देश मे किसी तरह की विकट स्थिति उत्पन्न हो।

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