Advertising

मधुबनी। अंधराठाढ़ी प्रखंड मुखिया महासंघ ने मानव श्रृंखला का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए बिहार सरकार द्वारा 21 जनवरी को मानव श्रृंखला प्रस्तावित है। गुरुवार को स्थानीय मनरेगा भवन परिसर में मुखिया महासंघ की एक बैठक हुई। मुखिया अर¨वद कुमार चौधरी ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक का संचालन मुखिया सह महासंघ के सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने किया।

Advertising

बैठक में महरैल पंचायत के मुखिया प्रोफ़ेसर गीता नाथ झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुखिया को प्राप्त अधिकारों में लगातार कटौती कर रहे हैं। सरकार सात निश्चय योजना का क्रियान्वयन एनजीओ द्वारा करवाना चाहती है। यह ¨नदनीय है। अधिकार वापसी होने तक मुखिया महासंघ वैसे सभी कार्यक्रमों का विरोध करेगा जो मुख्यमंत्री द्वारा आहूत होगा। अंधराठाढ़ी दक्षिण के मुखिया महेंद्र राय का कहना था कि मुखियाओं के संवैधानिक अधिकारों में कटौती का कोई औचित्य नहीं है। ग्राम स्वराज और पंचायत सरकार को लेकर मुख्यमंत्री की अवधारणा क्या है उनको स्पष्ट करना चाहिए। महात्मा गांधी का सपना था ग्राम स्वराज और माननीय मुख्यमंत्री उसको ही कमजोर करने पर तुले हुए हैं। मोहम्मद कमरुजम्मा ने कहा कि सरकार मुखिया महासंघ से टकराने का दुस्साहस नहीं करें अन्यथा आने वाले चुनाव में मुखिया महासंघ उन्हें अपनी ताकत दिखा देगा।

सभी मुखियाओं ने एकस्वर में कहा कि जनकल्याण की सारी योजनाएं ठप्प है। कन्या विवाह योजना, कबीर अंत्येष्ठि योजना का लाभ सालों से लाभुकों को नहीं मिला है। गरीब और असहाय लोग हताश और निराश हैं। वृद्धवस्था पेंशन के लिए प्रखंड में त्राहिमाम की स्थिति है। लाभुक राशि के अभाव में दाने दाने के लिए मोहताज हैं। बुजुर्ग गरीब लाभुक दवा दारू के अभाव में तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं। सरकार की मनमानी के कारण कोई भी जनहित का काम नहीं हुआ है। बैठक में सज्जन ठाकुर,मो जलील, मो शमीम अख्तर, बैजनाथ पासवान सहित सभी पंचायत के मुखिया और मुखिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Subscribe us on whatsapp