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मधुबनी। झंझारपुर प्रखण्ड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरौलिया (उर्दू) के छात्रों एवं अभिभावकों ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की व्यवस्था के खिलाफ जमकर हंगामा किया तथा हेडमास्टर मो. जियाउल्लाह को एक घंटा से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा। बंधक बनानेवाले ग्रामीण का आरोप था कि शिक्षा विभाग ने मनमानी तरीके से शिक्षकों का पदस्थापन किया है जिसे डीएम ने निरस्त भी कर दिया। इसके बाबजूद इस विद्यालय में योगदान देने शिक्षक आ रहे हैं। योगदान देनेवाले शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें उर्दू की कोई जानकारी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इस विद्यालय में सभी बच्चे मुस्लिम हैं जहां उर्दू में पढ़ाई होती है। यहां का रजिस्टर, हाजिरी बही सब कुछ उर्दू में लिखा जाता है लेकिन विभाग ने उर्दू का ख्याल रखे बिना मनमर्जी तरीके से इस विद्यालय में कृष्ण कुमार महाराज एवं रतन भंडारी का पदस्थापन किया है जिन्हें उर्दू की जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चों को परेशानी होगी। अभिभावक हेडमास्टर को ऐसे शिक्षको को योगदान नहीं कराने को कह रहे थे।

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जबकि हेडमास्टर विभाग के निर्देश के मुताबिक योगदान कराने को तैयार लग रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही अभिभावक एवं बच्चे विद्यालय पहुंच गए और हेडमास्टर को बंधक बना लिया। सरपंच मो. जिल्लानी के हस्तक्षेप से उन्हें मुक्त कराया गया। बाद में ग्रामीणों का एक जत्था डीएम को प्रतिवेदन देने मधुबनी प्रस्थान कर गया। हेडमास्टर मो. जियाउल्लाह ने कहा कि वे नौकरी करते हैं और विभाग का आदेश ही उनके लिए सर्वोपरि है।

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