जी हां, ये खुशखबरी बिहारवासियों के लिए है।सेतु पर जाम की समस्या आय दिन बनी रहती है जिससे लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।इन सभी बातों को धयान में रखते हुए महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 3000 करोड़ रुपए की लागत से गंगा पर नया पुल बनेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में जीरो माइल से रामाशीष चौक तक फोर लेन पुल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पुल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है। गांधी सेतु के समानांतर 60-80 मीटर जमीन पहले से ही उपलब्ध है। पुल का प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। पटना आउटर रिंग रोड के अलाइनमेंट के रूप में एसएच- 78 पर कन्हौली से नौबतपुर, लखना, दनियावां, फतुहा और कच्ची दरगाह तक 50 किलोमीटर लंबा नया बाइपास बनेगा।

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के बाढ़ के अनुभव को ध्यान में रखकर राज्य में नई बनने वाली सभी सड़कों में क्रॉस ड्रेन को अनिवार्य बनाने का आदेश दिया ताकि पानी आने पर सड़कों को कम से कम क्षति हो। इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड को बाढ़ से जबरदस्त नुकसान हुआ है। परियोजना को नए सिरे से शुरू करने और इसमें क्रॉस ड्रेन व अतिरिक्त पुलों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को नए सिरे से भेजा जाएगा। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने के लिए राजस्व व भूमि सुधार विभाग में विशेष सेल खोला जाएगा।

समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अतीश चन्द्रा, मनीष कुमार वर्मा, राज्य परिवहन आयुक्त अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह मौजूद थे।

किलोमीटर तक मई 2018 तक चालू हो जाएगा।इससे दीघा से पीएमसीएच के पास कृष्णा घाट तक लोगों को आवागमन में आसानी हो जाएगी। गंगा पथ में 13वें से 20वें किलोमीटर के बीच चार किलोमीटर का एलिवेटेड पथ बनाने पर भी सहमति बन गई। मुख्यमंत्री ने बिहटा-सरमेरा रोड को भी जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया।