मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को ज्ञान भवन में मेधा दिवस समारोह में यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पढ़ेगा वही आगे बढ़ेगा। हमलोग अपने राज्य की मेधा को बढ़ाना चाहते हैं और उसे गति देना चाहते हैं। देशभर में नौकरी के लिए परीक्षा हो या उत्कृष्ट संस्थान में नामांकन के लिए परीक्षा हो, हमारे बिहार से सबसे अधिक संख्या में छात्र सफल होते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उतना काम नहीं हुआ है, फिर भी बिहार में उत्कृष्ट मेधा है। यहां की मेधा और विकसित हो, आगे इसका ख्याल रखना है।

 

सीएम ने मैट्रिक व इंटर परीक्षा 2017 के 44 टॉपरों को सम्मानित किया। सम्मान देने के दौरान एक छात्र ने सीएम ने तत्काल घोषणा की कि जिन्हें मेधा पुरस्कार मिलेगा उन्हें देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह फैसला 3 दिसम्बर, 2017 से ही लागू कर दिया गया है। इससे पूर्व शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 2010 से ही मेधावी छात्रों को पुरस्कार दिया जा रहा है। अब 3 दिसम्बर को राजेन्द्र बाबू के जन्मदिवस को हम मेधा दिवस के रूप में मना रहे हैं। वे इतने मेधावी छात्र थे कि सौ साल पहले उनके परीक्षक ने टिप्पणी की थी कि ‘एक्जामिनी इज बेटर दैन एक्जामिनर’। मेधा दिवस उनकी जयंती पर मनाना बिल्कुल उपयुक्त है। मैं केंद्र से आग्रह करूंगा कि इसे पूरे मुल्क में मनाया जाए और मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया जाए।

प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को एक लाख रुपया दिया जाएगा.

सीएम ने मैट्रिक तथा इंटर (तीनों संकाय) की परीक्षा में क्रमश: टॉप टेन व टॉप फाइव को मेधा सम्मान दिया। मैट्रिक और इंटर में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले को 1 लाख, दूसरे स्थान वाले को 75 हजार, तीसरे स्थान पाने वाले को 50 हजार के चेक के साथ-साथ एक लैपटॉप एवं किंडल ई रीडर प्रदान किया। मैट्रिक में चौथे से 10वें स्थान तक आने वालों को 10 हजार व लैपटॉप मिला। इंटर में चौथे हर छात्र के अंदर की खासियत उभारनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ करना हैं। खासकर शिक्षा के स्वरूप के बारे में सोचने की जरूरत है। हर छात्र के अंदर एक अलग खासियत होती है, उसको उभारने की कोशिश करनी चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में दुनिया में देशभर में चर्चा चलती रहती है। इसकी बेहतरी के लिए प्रयास करते जाना और आगे बढ़ते जाना है। इससे शिक्षा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा, जो पढ़ेगा वही आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने बिहार में शिक्षा में हुए कार्यों की विस्तार से चर्चा की।

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