ठुकराव किसी को जमीन पर गिरा देता है तो किसी को जमीन से ऊपर उठा देता है. कुछ ऐसा ही वाक्य आज हम आपके सामने लाये हैं, इस वाकये में भी कुछ ऐसा ही हुआ है. दरअसल यूपी lok सेवा आयोग ने 13 अक्टूबर को सिविल जज एंट्रेंस परीक्षा PCS-J- 2016  का परिणाम जारी किया था. इस परिणाम में गाजीपुर के औडिहार के अमित वर्मा ने 152वां रैंक प्राप्त किया है. इस उपलब्धि के बाद अमित ने चाँद शब्द कहे थे, “बीच मझधार में छोड़ा था मेरा साथ उस बेवफा ने, वक़्त का करिश्मा कुछ ऐसा हुआ कि वो डूबे और हम पार हो गए.”

अमित के पिता का देहांत 2011 में कैंसर के कर्ण हो गया था. उनकी माता हाउस वाइफ हैं, और उनके भाई का एक बिजनेस है जिससे सारे परिवार का खर्च चलता है. अमित बताते हैं कि उनके पिता का सपना था कि वह जज बनें, पर समय का खेल ऐसा कि अब वह इस मुकाम को हासिल करने वाले हैं तो उनके पिता ही साथ नहीं हैं.

अमित अपने जीवन का एक और काले हिस्से पर रौशनी डालते हुए बताते हैं कि 2012 में पश्चिम बंगाल के PCS-J के रिजल्ट में उन्हें 18वां रैंक मिला था, इसमें सिलेक्शन सिर्फ 14वें रैंक तक हुआ था. इसी दरमियान एक लड़की थी जससे उनकी फेसबुक के जरिये बातचीत होती थी. यह बातचीत का दौर दोस्ती से उठकर प्यार के तराजू में पहुँच गया था. प्यार से बात शादी तक भी पहुँच गई पर वह लड़की amit के बेरोजगारी को लेकर अक्सर ताने मारा करती थी. ऐसी स्थिति में अमित ने दिल्ली में ही एक प्राइवेट job पकड़ लिया. पर इसके बाद उन्हें अक्सर अपने पिता के अधूरे सपने का ख्याल आता था.

पिता के सपने को जमीं पर खड़ा करने के इरादे से amit ने वर्ष 2015 में एल.एल.एम. करने के इरादे से बी.एच.यू में दाखिला ले लिया. इसके बाद दोनों में दूरियां बढती ही गयीं. कुछ दिनों बाद अमित को पता चला कि लड़की ने शादी कर ली है. यह जान अमित पूरी तरीके से डिप्रेशन में चला गया था. अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए वह धीरे धीरे डिप्रेशन से बाहर निकलने लगे, और आज अपने पिता के सपने को खड़ा करने में लग गए हैं.

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