पटनावासियों को गांधी मैदान में जल्द ही पटना हाट- द आर्ट विलेज का तोहफा मिलेगा। एक अक्टूबर से इसका शुभारंभ होगा। इसे दिल्ली हाट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। सोमवार को इसका निर्माण शुरू किया गया। गांधी मैदान के गेट नंबर 7 के पास करीब 9 हजार वर्गफीट में पटना हाट विकसित किया जा रहा है। पटना के प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने सोमवार को गांधी मैदान का निरीक्षण कर ‘पटना हाट’ के लिए स्थल का चयन किया।
यहीं पर बगल में फूड कोर्ट भी है। हाट में करीब 45 से 50 स्टॉल रहेंगे। हाट में एक ही स्थान बिहार में प्रचलित कलाकृतियां उपलब्ध रहेंगी। इसमें हस्तकरघा, हस्तशिल्प तथा वास्तुकला आदि से संबंधित आकर्षक कलाकृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।  यहां शाम में सपरिवार मनोरंजन की सुविधा होगी। इसीलिए इसे सिटी स्क्वायर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इसे इस तरह सजाया जाएगा ताकि बिहार की सांस्कृतिक विविधता की झलक यहां आने वाले लोगों को मिले। इनके स्टॉल होंगे :- – मधुबनी पेंटिंग – खतवा/एपलिक वर्क – भागलपुर सिल्क – टिकुली पेंटिंग – सिक्की क्राफ्ट – स्टोन क्राफ्ट – बैम्बू क्राफ्ट – मंजूषा आर्ट -जूट क्राफ्ट – वूड क्राफ्ट – टेराकोटा – लाह की चूड़ियां एवं लहठी – ब्रास वर्क – सुजनी एम्बॉडरी – बावन बूटी – पेपर मैके

पटना प्रमंडल आयुक्त आनंद किशोर ने कहा-‘मैं चाहता हूं कि गांधी मैदान को सिटी स्क्वायर के रूप में विकसित किया जाए। तीन स्थानों पर फूड कोर्ट खुल गए हैं। स्थायी रूप से पटना हाट लगेगा। सप्ताह में एक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। गांधी मैदान को खूबसूरत बनाने की योजनाएं तैयार हैं। हरियाली के साथ टाइल्स और मौरंग का अलग-अलग ट्रैक बनेगा।’