उपेंद्र कुशवाहा के बगावती तेवर से एनडीए को होने वाली है परेशानी। उपेंद्र कुशवाहा के जहानाबाद सीट पर आपाना दावा करने से ये स्थिति उत्पन्न होने वाली है। उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि जहानाबाद सीट पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का अधिकार बनता है। इस लिए यह सीट हमें ही मिलनी चाहिए। आपको बता दें कि राजद के विधायक मुंद्रिका सिंह यादव के आकस्मिक मृत्यु के कारण ये सीट खाली हुई है।

उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए के किसी दूसरी पार्टी को जहानाबाद सीट दिए जाने और कहा कि सबसे पहले तो यह प्रश्न ही काल्पनिक है और मैंने इसके बारे में या ऐसी स्थिति पर कुछ भी नही सोचा है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मैं आस्वस्त और साकारात्मक हूं रालोसपा पार्टी के उम्मीदवार को ही टिकट मिलेगा। 2015 के विधान सभा चुनाव में भी रालोसपा के प्रवीण कुमार को हरा कर राजद ने यह सीट जीता था। इस कारण से भी हमारी दावेदारी सबसे पोख्ता और स्वभाविक है, मुझे नही लगता कि किसी को भी कोई परेशानी हुई चाहिए।


आपको बता दें कि रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एनडीए के साथियों को यह सीट रालोसपा को देना चाहिए। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार की ताजा सियासत पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उपेंद्र कुशवाहा ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर चारा घोटाला मामले में सीबीआई की अदालत द्वारा द्वारा फैसला किये जाने पर कहा कि न्यायालय और कानून अपना काम कर रहे हैं। उसके बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि लालू प्रसाद इतिहास के सब्जेक्ट हो गए। वर्तमान में उनकी चर्चा करने की जरुरत नहीं है।

हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने आगे यह भी कहा है कि लालू के परिवार के समक्ष संकट है। उनके बच्चे और राबड़ी जी अभी परेशानी में हैं। उन्होंने कहा, “किसी न किसी रुप में लालू परिवार के अन्य दूसरे सदस्यों के खिलाफ मुकदमे हुए हैं और उन्हें कानूनी लड़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा मेरी और मेरी पार्टी की सहानुभूति लालू परिवार के साथ हैं।”
उपेंद्र कुशवाहा ने एक और अहम बयान दिया जिसमें उन्होंने जातीय तथा आर्थिक आधार पर कराये गए जनगणना की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग रखा है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा विभिन्न जातियों की संख्या पता लगाने के लिए जातीय आधार पर जनगणना कराई गई है। उन्होंने कहा कि देश के लोग इंतजार में हैं कि उनकी संख्या क्या है। साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि देश के लोगोंं को यह जानने का हक है।

उपेंद्र कुशवाहा का ऊनी ही सरकार से इस तरह की मांग करना और वो भी सार्वजनिक मंच पर कुछ तो बात है। उसके साथ ही राजनीतिक गलियारे में यह बात भीतर भीतर बड़ी जोर शोर से उठाई जा रही है की उपेंद्र कुशवाहा गठबंधन में खुश नही हैं। आगे देखना होगा कि उपेंद्र कुशवाहा द्वारा दिया गया यह बयान क्या बिहार या देश के राजनीतिक गलियारे में हलचल मचाता है या फुस्स हो जाता है।

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