पटना: अपराधी तो वैसे भी भागलपुर रेंज छोड़कर भागने लगे हैं, लेकिन वैसे पुलिसकर्मी, जो यह सोचते हैं कि उनके द्वारा अंजाम दी जा रही गैरकानूनी गतिविधि डीआईजी विकास वैभव की नजरों से छुपी हुई है, तो वह बिल्कुल गलत सोचते हैं. जी हां, जिले के वैसे पुलिसकर्मी जो अपने कर्तव्य को ताक पर रखकर गैरकानूनी रूप से किसी गलत गतिविधि में शामिल पाये जाते हैं, तो उनका परिणाम भी वहीं होगा, जो शुक्रवार को उन आठ पुलिसकर्मियों का हुआ. हुआ यूं कि तीन दारोगा सहित आठ पुलिसकर्मियों के बारे में शिकायत मिली थी कि वह पीरपैंती और विक्रमशिला टीओपी पर वाहनों से अवैध वसूली करते हैं. शिकायत के बाद डीआईजी विकास वैभव के आदेश पर एसएसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. इस कार्रवाई ने पूरे भागलपुर रेंज में हड़कंप मचा दिया है. आम लोगों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि अपराधियों की कौन कहे, अब गलत करने वाले पुलिस पदाधिकारी भी तत्काल नप जा रहे हैं.

एसएसपी ने दी मामले की जानकारी 

जानकारी के मुताबिक इस मामले में जिले के एसएसपी ने मीडिया को बताया कि शिकायत मिलने के बाद पीरपैंती मामले की जांच कहलगांव डीएसपी से और टीओपी पर वसूली मामले की जांच सिटी डीएसपी से करायी गयी थी. इसमें एसआइ से सिपाही तक को वसूली में संलिप्त पाया गया था. उसके बाद यह कार्रवाई की गयी. एसएसपी ने मीडिया को बताया कि पीरपैंती थाने में पदस्थापित एसआइ गजेंद्र सिंह, मिर्जा चौकी बैरियर पर तैनात एएसआइ सुरेश प्रसाद रजक और सिपाही 278, पवन कुमार के साथ विक्रमशिला पुल टीओपी के एएसआइ राजाराम, पीटीसी 119- कुंदन कुमार, पीटीसी  733- रंजीत कुमार, पीटीसी 775- ओम प्रकाश साह और सिपाही 1194- मो रज्जाक को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया है.

आम लोगों में खुशी की लहर

स्थानीय लोगों की मानें तो भागलपुर रेंज में इन दिनों पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशैली बदली-बदली सी नजर आ रही है. धीरे-धीरे उनके तहजीब और आम जनता से बातचीत के तरीकों में भी अंतर दिख रहा है. स्थानीय युवा समाजसेवी सुशांत कहते हैं कि डीआईजी विकास वैभव के दिन-रात मेहनत और आम जनता के लिए किये गये प्रयासों का असर साफ दिखने लगा है. अब आम लोग आराम से पुलिस व डीआईजी तक अपनी बात और शिकायतें पहुंचाते हैं. इतना ही नहीं, उन शिकायतों का निदान  भी होता है. सुशांत कहते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति और कुछ कर गुजरने का माद्दा बहुत बड़ी चीज होती है. इससे पूर्व में भी वहीं संसाधन और बाकी सारी व्यवस्था थी, लेकिन इस तरह त्वरित एक्शन नहीं होता था.

13 जून को मिली थी शिकायत

बताया जा रहा है कि भागलपुर के पीरपैंती में वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत 13 जून को डीआईजी को मिली थी. विक्रमशिला टोल टैक्स बैरियर के पास टीओपी पुलिस द्वारा वाहनों से अवैध वसूली के सूचक ने डीआइजी से न सिर्फ शिकायत की थी, बल्कि वसूली करते हुए सीसीटीवी फुटेज भी उन्हें उपलब्ध कराया गया था. उन्होंने फुटेज एसएसपी को फॉरवर्ड कर जांच कराने का निर्देश दिया था. जांच में दोषी पाये जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी. विक्रमशिला पुल के पास अवैध वसूली की सूचना देनेवाले को कॉल कर धमकी देने वाले सिपाही रूपेश कुमार को डीआइजी ने गुरुवार को ही सस्पेंड कर दिया था. रूपेश डीआइजी कार्यालय में ही स्टीक सिपाही के रूप में तैनात था. फिलहाल वह छुट्टी पर था.

 

Subscribe us on whatsapp