Patna University को Central दर्जा दिलाने के लिए अब दिल्ली में होगा आंदोलन…

बिहार के छात्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत बड़ी नाइंसाफी की है; महताब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन को लेकर बहुत सारे कयास लगाए जा रहे थे। यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि बिहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत सारी सौगात लेकर आएंगे। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पटना के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज के प्रांगण से बिहार को संबोधित करते हुए जब बिहार वासियों की मांग को धीरे से अनसुना कर दिया तब बिहार के लोगों खासकर छात्रों में असंतोष का माहौल बन गया।


बिहार के छात्र उम्मीद लगाए हुए थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सातवें सबसे पुराने विश्वविद्यालय पटना विश्वविद्यालय को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देंगे। मगर उनकी उम्मीदों पर तब पानी फिर गया जब प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इस बात का जिक्र तक नहीं किया। मंच से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आग्रह करते दिखे की प्रधानमंत्री पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दें। बिहार के छात्र एवं बिहारवासी भी लगातार आग्रह कर रहे थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कि वह पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री के जाने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर से गर्मी आ गई है पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने जहां नरेंद्र मोदी जी के इस फैसले पर निराशा जताई वही कई नेताओं की गैरमौजूदगी ने एक अलग ही कहानी कही। कई लोगों ने दबे जुबान में ही यह भी कहा कि इस NDA गठबंधन में नीतीश कुमार की नहीं चल रही है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लोगों को रिझाने का एक बहुत बढ़िया मौका चूक गए। 

वहीं मोकामा पहुंचने के बाद उन्होंने चार हजार करोड़ परियोजना की शुरुआत की यहां भी स्थानीय विधायक अनंत सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में नहीं दिखे वही मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव मंच पर लगातार दिख रहे थे। जिसको लेकर भी लोगों ने सवाल किया।


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों की मांगों को लेकर जब हमने सिवान के युवा नेता मोहम्मद महताब आलम से बात की तो उन्होंने यह बताया कि वह प्रधानमंत्री के बिहार दौरे से बहुत निराश हुए हैं। बिहार के छात्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत बड़ी नाइंसाफी की है। 

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले राजद नेता महताब ने फेसबुक पर लिखा, “चुनाव में खर्च करने के लिए नरेंद्र मोदी जी के पास अरबों रुपए हैं मगर बिहार के लोगों की जायज मांग, बिहार के छात्रों की एक जायज मांग को पूरा कर पाना उन्होंने लाजमी नहीं समझा। गच्चा खा गए नरेंद्र मोदी जी”.


न्यूज बिहार से बात करते हुए महताब ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति से अलग हटकर यह मौका था बिहार के छात्रों को सम्मान देने का, यह मौका था बिहार की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी देश की सातवीं पुरानी यूनिवर्सिटी पटना यूनिवर्सिटी को उसका वाजिब हक़ देने का। मगर वह कहते हैं ना “दुर्योधन वह भी दे ना सका आशीष समाज की ले ना सका” अब आने वाले चुनाव में बिहार की जनता दो-दो विश्वासघातियों को जवाब देगी। एक तरफ नीतीश कुमार जिन्होंने जनता के मत के साथ धोखा किया दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी जिन्होंने बिहार की जनता के विश्वास के साथ धोखा किया।


हमसे बात करते हुए महताब आलम ने दावा किया कि 2019 में बिहार में चुनाव में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। साथ ही उन्होंने एक नारा भी दिया “नफरत हटाएगा-लालटेन आएगा”. आगे महताब कहते हैं कि वह पटना यूनिवर्सिटी के लिए और यहॉ के छात्रों के लिए एक लंबा संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। और इस यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली तक आंदोलन करेंगे.

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