बिजली विभाग की लापरवाही से एक युवक की मौत

भागलपुर.फ्रेंचाइजी बिजली कंपनी बीईडीसीपीएल की लापरवाही ने सबौर के आर्य टोला के 30 साल के ब्रजेश की जान ले ली। मंदिर परिसर की सफाई के दौरान पेड़ में करंट फैला और पेड़ छूते ही उसकी मौत हो गयी। दरअसल साइकिल के टायर का टुकड़ा हटते ही पेड़ में करंट फैल गया और दुर्भाग्य वश ब्रजेश पेड़ में सट गया। कंपनी ने बिजली के तारों से सुरक्षा के नाम पर ऐसी लापरवाही दिखाई कि पेड़ से लगकर गुजर रहे तार को पेड़ से दूर नहीं किया। उसे कवर करने के लिए साइकिल का टायर लगा दिया।

करंट से पिछले छह दिनों में छह लोगों की मौत हो चुकी है।

दरअसल, ताड़ के पेड़ से 440 वोल्ट के तार सटे हुए थे। पूरे साल मेंटेनेंस के नाम पर अघोषित बिजली कटौती करने वाली कंपनी ने इस क्षेत्र में मेंटेनेंस ही नहीं किया। नतीजा, तार के पेड़ों से लगकर 440 वोल्ट के तार गुजरे और पेड़ से लग गए। करंट दौड़ा और ब्रजेश की मौत हो गई। कंपनी की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करंट से ब्रजेश तड़पता रहा, लेकिन कंपनी को इसकी भनक तक नहीं लगी। बिजली सप्लाय तक बंद नहीं की गई। हालांकि ब्रजेश की मौत के बाद बिजली कंपनी ने सप्लाई बंद किया।

ग्रामीणों ने मंदिर प्रबंधन पर आरोप लगाया कि मंदिर के बाहर बिजली के पोल को उखाड़कर दूसरी जगह लगाया गया था। इससे बिजली के तार पेड़ से बिल्कुल चिपक गए थे। कुछ दिनों पहले ही तार और पेड़ के ज्वाॅइंट पर शॉर्ट सर्किट से चिंगारियां भी निकलती रही। इसके बाद भी कंपनी नहीं जागी। बिजली कंपनी के कर्मचारी और अफसरों ने सुरक्षा के नाम पर ताड़ के पेड़ से गुजर रहे बिजली के तारों को कवर करने के लिए साइकिल के टायर को काटकर लगा दिया। यह टायर भी पेड़ से खिसक गया और बिजली के तार सीधे ही ताड़ के पेड़ को छूने लगे।पांच घंटे के हंगामे के बाद पहुंची पुलिस

ब्रजेश की मौत के बाद उसके घरवाले और गांव के लोग हंगामा करने लगे। सभी मंदिर परिसर में घुसे और तोड़फोड़ करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि अगर पोल को उखाड़कर दूसरी जगह नहीं गाड़ा जाता तो यह हादसा नहीं होता। आक्रोशित ग्रामीण मंदिर के हॉल सत्संग भवन में घुसे और वहां रखे सामान तोड़ दिए। ब्रजेश की लाश ठेले पर रखकर मंदिर परिसर में घुसा दिया। करीब पांच घंटे के हंगामे के बाद सबौर पुलिस पहुंची। ग्रामीणों के मुआवजे की मांग और इंजीनियरिंग काॅलेज के सामने एनएच 80 जाम करने की चेतावनी दी।

50 हजार कैश व 9.5 लाख का चेक दिया

ब्रजेश साह की पत्नी को मंदिर प्रबंधन ने मुआवजे के रूप में 50 हजार रुपए कैश व 9.5 लाख का चेक दिया। इसके बाद लोगा शांत हुए। बाद में मृतक के परिजनों से मिलने सांसद बुलो मंडल भी गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर सीओ तरुण कुमार केशरी को मुआवजा देने की बात कही।

छह दिन में ऐसी हुई छह मौत

1 अक्टूबर – अगरपुर के मो. कामरान व मो. अंजार

1 अक्टूबर – बिहपुर मिल्की के मो. महमूद और मो. इम्तियाज

4 अक्टूबर – गोराडीह के राजेश कुमार

6 अक्टूबर – सबौर आर्यटोला के ब्रजेश साह

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