बिहार प्रदेश युवा जनता दल (यू) के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ‘सेतु’ ने कहा है कि आम लोगों की शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए सीएम नीतीश कुमार के द्वारा लागू किया गया बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून जबरदस्त तरीके से प्रभावी सिद्ध हो रहा है। पहले सरकारी कार्यालयों में छोटे-छोटे काम कराने के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब सबका काम तुरंत हो जा रहा है।

सेतु ने आंकड़ो का हवाला देते हुए कहा कि पांच जून 2016 से इस कानून के लागू होने के बाद से लेकर अब तक 2,31,640 परिवाद दायर हुए।  उनमें से 2,10,733 का सफलतापूर्वक निष्पादन भी किया जा चुका है। अधिनियम के तहत दायर परिवादों एवं उस पर की गयी कार्रवाईयों का पूरा लेखा-जोखा सभी के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है।


युवा जदयू प्रवक्ता सेतु ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से लागू इस कानून के द्वारा लोक शिकायत केंद्र पर जा कर अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए आम आदमी को एक बड़ा अधिकार मिल गया है। पेयजल, स्वच्छता, आवास, छात्रवृत्ति, पोशाक, शिक्षा, स्वास्थ्य, ज़मीन से जुड़े मामले, राशन, अतिक्रमण एवं अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पाने का आसान जरिया मिल गया है। 


सेतु ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दायर की गयी शिकायत पर शिकायतकर्ता और उस कार्य से जुड़े पदाधिकारी जिन पर समाधान का दायित्व है, दोनों को आमने-सामने बैठाकर सुनवाई की जाती है। इससे आम नागरिकों का सशक्तिकरण हुआ है। इसके साथ आम जनता को शासन में अपनी भागीदारी का एहसास हो रहा है।

ओमप्रकाश सिंह ‘सेतु’ ने कहा कि इस कानून के तहत शिकायतकर्ता कहीं से भी अपने आवेदन पर की गयी कार्रवाई एवं पारित निर्णय की जानकारी ले सकता है। जिन पदाधिकारियों को शिकायतों की सुनवाई एवं समाधान करना है, अगर उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया तो उन गैर जवाबदेह पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। अब तक ऐसे ग्यारह लोक प्राधिकारों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की गयी है, जबकि 118 लोक प्राधिकारों पर 3.81 लाख रूपये का आर्थिक दंड भी किया गया है। आम जनता को दलाल एवं बिचौलियों से बचाने में भी यह कानून सहायक है। वहीं जिला पदाधिकारियों के स्तर पर नियमित औचक निरीक्षण एवं छापेमारी करायी जाती है।

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