मानव श्रृंखला बनाकर शराबबंदी का देश और दुनिया को संदेश देने वाला बिहार एक बार फिर से मानव श्रृंखला बनाने की तैयारी में जुट गया है। इस बार भी कारण सामाजिक सरोकार से जुड़ा हुआ है। जिसके सूत्रधार फिर से बने हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

जैसा की आप सभी को जानकारी है की पहले भी सबसे बड़ी और लंबी मानव श्रृंखला बना बिहार ने रिकॉर्ड कायम किया है। गिनीज बुक और लिम्का बुक के द्वारा इस बार भी रिकॉर्ड की जांच के लिए टीम भेजे जाने की बात हो रही है। लिम्का बुक ने तो 21 तारीख को आयोजित दहेज और बाल विवाह विरोध के लिए बनाई जा रही इस मानव श्रृंखला के रिकॉर्ड को परखने के लिए टीम भेजने की स्वीकृति दे दिया है।

इस बीच सामाजिक सरोकार  के अहम विषय दहेज बंदी और बाल विवाह जैसे मुद्दे पर बनने वाली मानव श्रृंखला के सूत्रधार नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से एक अपील किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक पत्र जारी करते हुए इस मानव श्रृंखला में सभी को शामिल होने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश की अपील विभिन्न समाचार पत्र और माध्यम पर छापा गया है।

मुख्यमंत्री के इस अपील में जो मजमून छपा है वह इस प्रकार है।

प्रिय बिहारवासियों,

दहेज एवं बाल विवाह उन्मूलन अभियान को व्यापक समर्थन एवं सहयोग देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। अनेकों शादियां बिना दहेज की होनी शुरू हुई है। साथ ही लोग बाल विवाह के प्रति भी सचेत हो रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर घर परिवार एवं समाज में इस अभियान का व्यापक परिणाम अपने बिहार को देखने को मिलेगा।

इसी कड़ी में एक व्यापक सामाजिक जागरण हेतु 21 जनवरी 2018 को हम राज्यव्यापी मानव श्रृंखला बनाने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इस प्रयास में संपूर्ण राज्य के सभी वर्गों धर्म एवं आयु समूह के लोगों का सहयोग मिलेगा एवं बिहार सामाजिक सुधार का एक इतिहास रचेगा।

सभी बिहारवासियों से अपील है, दहेज एवं बाल विवाह उन्मूलन के इस संकल्प में अपनी पूरी ताकत और उत्साह से योगदान करें। हंसते मुस्कुराते, खुशहाल एवं सामाजिक रूप से बदलते बिहार के निर्माण में सक्रिय साझीदार बने।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई अपील के बाद इस मानव श्रृंखला के प्रति लोगों में रुझान पैदा हुआ है। हर तरफ पूरे प्रदेश में मानव श्रृंखला को लेकर लोगों में चर्चा और जोश है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचा रहे हैं। देखना होगा कि क्या एक बार फिर से मानव श्रृंखला का इतिहास रचने में बिहार कामयाब होता है। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आयोजित इस मानव श्रृंखला का न्यूज़ बिहार भी हिस्सा है। हम अपील करते है कि आप भी इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का संकल्प लें।

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