आरा : सरकार ने डॉक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर तीन दिन पहले बायोमीटरिक सिस्टम की व्यवस्था की है, पर अस्पताल के डॉक्टर सरकार के आदेश की धज्जी उड़ा रहे हैं. इससे सरकारी खजाने व मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रहार किया जा रहा है. कराहते मरीजों की देखभाल के प्रति असंवेदनशील चिकित्सकों ने अपने मानसिक मनोदशा को प्रदर्शित कर दिया है. मरीजों के लिए धरती के भगवान कहे जानेवाले डॉक्टरों की दादागिरी सदर अस्पताल में चरम पर है. सरकारी आदेश व आदेश का पालन करानेवाले अस्पताल प्रशासन का डॉक्टरों पर कोई असर नहीं हो रहा है. विगत दो दिनों से सदर अस्पताल में उपस्थिति के लिए बायोमीटरिक सिस्टम लगाया गया है, पर अब तक कर्मचारियों को छोड़कर डॉक्टरों की उंगली के निशान नहीं लग पाये हैं. प्रतिदिन मनमानी तरीके से डॉक्टर ड्यूटी करते हैं.

अस्पताल में बायोमीटरिक सिस्टम लगने के बाद सभी स्वास्थ्यकर्मी सरकार के आदेश का पालन करते हुए बायोमीटरिक सिस्टम से हाजिरी बना रहे हैं, पर चिकित्सकों द्वारा बायोमीटरिक सिस्टम से हाजिरी नहीं बनाने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों में भी आक्रोश का माहौल पनप रहा है. स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि आखिर डॉक्टर सरकार के आदेश का पालन क्यों नहीं करेंगे, जब डॉक्टर ही आदेश का पालन नहीं करेंगे तो स्वास्थ्यकर्मी क्यों करेंगे. हमें भी इस आदेश के पालन नहीं करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

अस्पताल प्रशासन द्वारा बायोमीटरिक सिस्टम लगने के साथ ही बार-बार डॉक्टरों को हिदायत दी गयी कि इस सिस्टम के माध्यम से ही हाजिरी बनेगी. इसे देखते हुए डॉक्टर प्रतिदिन अस्पताल आने के बाद बायोमीटरिक सिस्टम से ही हाजिरी बनाएं, पर डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है. अब इसे अस्पताल प्रबंधन की लाचारी मानी जाये या लापरवाही, यह समझने का विषय है. सरकार का आदेश है कि हाजिरी बायोमीटरिक सिस्टम से ही बनेगी तो अस्पताल प्रशासन को यह अधिकार है कि जो डॉक्टर बायोमीटरिक सिस्टम से हाजिरी नहीं बनाते हैं उनकी उपस्थिति काट दी जाये तथा उन्हें अनुपस्थित किया जाये, पर अस्पताल प्रशासन किस कारण से ऐसा नहीं कर रहा है, यह अस्पताल प्रशासन ही बता सकता है.

एक तरफ सरकार के आदेश को नहीं माननेवाले डॉक्टरों की स्थिति, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन द्वारा नियम पालन करवाने के मंझधार में मरीजों की कश्ती डगमगा रही है. बेचारे मरीज इन दो पाटों के बीच में पीस रहे हैं. अब समय बतायेगा कि मरीजों को इस स्थिति से कब राहत मिलेगी.

क्या कहते हैं डीएस…

बार-बार चिकित्सकों को कहा जा रहा है कि बायोमीटरिक सिस्टम से ही उपस्थिति दर्ज करानी है, ताकि सरकार के आदेश का पालन हो सके और मरीजों को लाभ मिल सके पर डॉक्टरों द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है. मजबूर होकर हायर अॉथोरिटी को लिखना पड़ेगा.

क्या कहते हैं सीएस…

अभी अस्पताल उपाधीक्षक द्वारा किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं की गयी है. उनके द्वारा लिखित शिकायत आने पर जिला अधिकारी को लिखा जायेगा तथा कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जायेगी.

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