आरा : चार माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज जगदीशपुर नगर पंचायत के सफाई कर्मियों का सब्र का बांध टूट गया और वे अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन सफाई कर्मियो ने नगर स्थित वीर कुवर सिंह किला परिसर में एक बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया।

बैठक मे माले राज्य कमिटी सदस्य अजीत कुशवाहा ने कहा कि जगदीशपुर नगर पंचायत मजदूर विरोधी हो चुका है उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में काम करने वाले सफाई मजदूरों को एक तो सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जाता है और जो भी मिलता उसको बन्द कर दिया जाता है जिससे सफाई कर्मियो के समक्ष भूखमरी की स्थिति उतपन्न हो गयी है। सरकारी निर्देशों के मुताबिक एक मजदूर का न्यूनतम वेतन प्रतिदिन 367 रुपया होना चाहिए। जबकि मजदूरों को इसके आधा भी मजदूरी नहीं दिया जाता है।

बैठक में शामिल सफाई मजदूरों ने कहा कि 4 माह से उनका वेतन बन्द है, उन्हें किसी भी तरह का बुनियादी सुविधा नहीं दिया जाता है यहां तक कि सफाई के लिए झाड़ू भी नही दिया जाता है। मजदूरों ने कहा कि उनको साप्ताहिक छूटी भी नही दिया जाता है। बैठक को संबोधित करते हुए माले नेता पप्पू सिंह ने कहा कि जगदीशपुर नगर पंचायत मजदूरों के मानवाधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रहा है ,साप्ताहिक छूटी नही दिया जाना मानव अधिकारों सहित संवैधानिक अधिकारों का भी हनन है।

मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सह माले नेता वृंदानन्द सिंह ने कहा कि यदि नगर पंचायत तुरंत मजदूरों की मांगों को पूरा नही करता है तो आंदोलन और तीव्र होगा।

जगदीशपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद मुकेश कुमार गुडू ने बताया कि नगर पंचायत के जो सफाई कर्मचारी हड़ताल पर है उनके कार्यकलापों को देखते हुए नगर पंचायत की मासिक बैठक मे प्रस्ताव पारित कर हटा दिया गया है। अब नगर पंचायत का सफाई कार्य एनजीओ के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए निविदा निकालने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल दैनिक मजदूरी पर मजदूरो को रखकर नगर का सफाई कार्य कराया जा रहा है। मजदूरों के वेतन बाकी होने के सवाल पर मुख्य पार्षद ने कहा कि सफाई मजदूरो का दिसम्बर 2017 तक का वेतन उनके खाते मे डाल दिया गया है।

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