सिवान भाजपा जिलाध्यक्ष सह सिवान को-ओपेरेटिव बैंक के चेयरमैन, मनोज सिंह के ऊपर सिवान के ही खाद व्यापारी हरिशंकर सिंह की हत्या का आरोप परिजनों ने हत्या के लगभग 18 महीनों के बाद लगाया। पीड़ित परिवारजन के द्वारा की गई एफआईआर,जिसमे सिवान पुलिस ने अपने 18 दिनों के इन्वेस्टिगेशन में मनोज सिंह को दोषी करार देने में कोई कसर नही छोड़ी तथा 3 दिनों के अंदर ही इनको फरार होने की अफवाह फैलाकर कुर्की-जब्ती का वॉरेंट निकाल दिया। श्री सिंह ने पटना उच्च न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई जिससे अभी तक वे जमानत पर थे। लेकिन न्यायालय की इस फैसले से असंतुष्ट पीड़ित परिवार वाले ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

आज जब इस मामले की सुनवाई देश के उच्चतम न्यायालय में चल रही थी तो वहाँ सिवान पुलिस के द्वारा की हुई जल्दीबाजी को मद्देनजर देखते हुए कोर्ट सिवान पुलिस के कार्यशैली पर निशाना साधा एवं मनोज सिंह का जमानत बरकार रखा।

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