नीतीश जी गुस्सा होने के बजाय एक बार सोचिएगा जरूर, आपने क्या गलतियां की हैं कि जनता आज इस तरह विरोध कर रही है। इतना विरोध तो भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी का नही हुआ होगा। जनता की भावना के साथ खेलना बंद कीजिए। राजद के युवा नेता महताब आलम ने नीतीश कुमार पर हमले के फौरन बाद लिखा। उसके बाद से तो राजद के तरफ से बयानों का बढ़ आ गया। हालांकि राजद सहित अन्य राजनीतिक दलों ने इस घटना की कड़ें शब्दों में निंदा भी किया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने माननीय मुख्यमंत्री के काफ़िले पर हमले को बेहद ही चिंतनीय बताया। तेजस्वी के कहा जिस दिन से समीक्षा यात्रा शुरू हुई उसी दिन से हर जिले मे मुख्यमंत्री को विरोध, प्रदर्शन और नारेबाज़ी का दुखद सामना करना पड़ रहा है। मैंने शुरू मे ही कहा था मुख्यमंत्री जी पहले अपने व्यक्तित्व और राजनीतिक चरित्र की समीक्षा करें।


तेजस्वी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश जी आत्ममनन और चिंतन करें कि क्यों आपका हर जगह, हर समय और हर क्षेत्र के लोग उनका विरोध क्यों और किस लिए कर रहे है? तेजस्वी आगे कहते है कि जनभावना और मूल भावना को छोड़ जिस तरह से लोगों को भरमा रहे हैं उससे लोगों में गुस्सा है। ये कहीं न कहीं असुरक्षा की भावना है जिससे नीतीश जी भाग रहे हैं।

इस घटना के बाद बक्सर सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कड़ें शब्दों में निंदा किया है। चौबे ने न्यूज़ बिहार से बात करते हुए कहा की चंद लोग बिहार का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर जानलेवा हमला निंदनीय है। इस काफिले में बिहार के कृषिमंत्री प्रेम कुमार बाल बाल बचे उनका वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस की घटना की कड़ें शब्दों में निंदा करता हूँ।

वहीं जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला वो भी महिलाओं को आगे कर के करना निंदनीय है। जो लोग भी इसके पीछे हैं वो बख्शे नहीं जाएंगे। वहीं युवा जदयू के प्रवक्ता ओम प्रकाश सिंह सेतु ने कहा की नीतीश जी पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। ये मुट्ठीभर लोगों का काम है जो विकास के दुश्मन हैं। मैं और युवा जदयू इसकी कड़ी निंदा करते हैं।इस तरह की घटिया और गिरी हुई हरकत से प्रदेश का विकास को नहीं रोक सकते।हर गली व घर तक विकास पहुंचा कर रहेंगे नीतीश जी।

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