न्यूज़ बिहार डेस्क: पूरे देश में स्वच्छता अभियान जोरों पर है । वही केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण एप से शहरों को उनके स्वक्ष होने का फीडबैक भी मिल रहा है। जिसके आधार पर पटना दो रैंक और बेहतर हुआ है। अब स्वच्छता सर्वेक्षण में राजधानी 42वें स्थान से छलांग लगाकर 40वें स्थान पर पहुंच गई है। गुरुवार को पटना ने लुधियाना व फॉरबिसगंज को पछाड़ यह रैंक हासिल की। अब टॉप पर ग्वालियर, सेकेंड पर कानपुर, तीन पर ग्रेटर मुंबई, चार पर अहमदाबाद है। वहीं, थाणे भी एक रैंक की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, पटना से बेहतर करने के लिए लुधियाना, फॉरबिसगंज, मेरठ, अमृतसर और कोलकाता लगातार मेहनत कर रहे हैं। जबकि पटना की लड़ाई 39वें स्थान पर ईस्ट दिल्ली व 38वें स्थान के जोधपुर से चल रही है।

पटना नगर निगम क्षेत्र में अब तक 6271 लोगों ने स्वच्छता एप डाउनलोड कर लिया है। यदि एप के माध्यम से निगम को मिलने वाली शिकायत को तय समय में पूरा करने का फीडबैक मिलता है तो निगम की रैंकिंग में सुधार होगा। इससे यूजर हैपिनेस में भी बढ़ोतरी होगी। लोगों का पटना नगर निगम के प्रति विश्वास और सबल होगा।

कार्य पूरा करने की यह है अवधि :
मरे जानवर का निस्तारण – 48 घंटा
डस्टबिन की सफाई – 12 घंटा
कचरा उठाव – 12 घंटासार्वजनिक शौचालय की बाधा दूर करना : 12 घंटाकचरा उठाव गाड़ी का पहुंचना – 12 घंटा
सफाई कार्य पूरा करना – 12 घंटा
सार्वजनिक शौचालय में लाइट लगाना – 12 घंट सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था – 12 घंटाशौचालय की सफाई – 12 घंटा

कभी भी आ सकती है टीम :
शहर घूम कर लोगों का फीडबैक लेने वाली केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी आ सकती है। पटना नगर निगम के कागजातों की जांच कर एक टीम लौट चुकी है। अब निगम प्रशासन फीडबैक जानने वाली टीम का इंतजार कर रहा है।

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