न्यूज़ बिहार डेस्क, पटना :  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह टाइगर ने कहा है कि सृजन घोटाले का सूत्रपात राजद के शासन में ही हुआ था । उस वक्त माताजी मुख्यमंत्री और उनके चहेते वित्त मंत्री थे। इस लिए इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कुछ भी बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।

संजय टाईगर ने कहा कि तेजस्वी जी के गिल्ली-डंडा खेलने के उम्र में घटित इस घोटाले के बारे में उन्हें क्या मालूम कि उनकी ही पार्टी के किन किन नेताओं की इसमें संलिप्तता है ? अब जब सीबीआई ने जांच शुरू की तो परत दर परत मामला उजागर हो रहा है। इससे राजद में बढ़ी बौखलाहट का नतीजा तेजस्वी के मुख से भाजपा नेताओं और उनके विवादित परिजनों का नाम घसीटना है । होना तो यह चाहिए था कि तेजस्वी भागलपुर की सभा में आज बताते कि मात्र 29 वर्ष की उम्र में उन्होंने करोड़ो अरबों रूपयों की चल-अचल सम्पति कैसे अर्जित की । लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी नहीं कहा।

टाईगर आगे कहते हैं कि जनता तेजस्वी के असली-नकली चेहरे को जान और पहचान चुकी है । अब राजद की सभाओं में जनता अकूत संपति के बारे में तेजस्वी यादव से सवाल पूछेगी । वे इस मुगालते में न रहे कि आय से अधिक सम्पति के मामले में वे और उनका परिवार बच निकलेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास का संकल्प लिया है इसलिए न्याय के साथ जो खिलवाड़ करेगा वह सीधे जेल के सीखचों में नजर आयेगा।