आरा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समीक्षा यात्रा के दौरान प्रशासन काफी चौकस व मुस्तैद दिखाई दिया। भोजपुर जिले की सीमा में प्रवेश से लेकर रास्ते भर ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी कि परिदा भी पर नहीं मार सके। दावा गांव में बने सभा मंच के आसपास तो पुलिस की छावनी जैसा नजारा देखने को मिला। रोहतास से आने के क्रम में भोजपुर की सीमा में मुख्यमंत्री का काफिला जब प्रवेश किया तो वहां पहले से तैनात पुलिसकर्मी हरकत में आ गए। इस दौरान वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया। यहां तक कि दोपहिया वाहन और पैदल चलने वालों को भी आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इधर बिहिया और जगदीशपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को आगे बढ़ने रोके जाने के कारण लोगों को पैदल चलकर सभा स्थल तक जाना पड़ा। लंबी दूरी के कारण बहुत से लोग चाहकर भी सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके। इधर सभा स्थल तक पहुंचने वाले हर आम व खास की सघन तलाशी ली जा रही थी । इस दौरान पुलिस प्रशासन के रूखे व्यवहार के कारण लोग काफी खफा दिखे। सघन तलाशी की वजह से सभा मंच के आसपास आम लोगों को पहुंचने में परेशानी झेलनी पडी। आम लोग तो सभा मंच से काफी दूर रह गए। ऐसे में सभा मंच के सामने मीडिया कर्मी, जीविका दीदी व राजनीतिक कार्यकर्ता ही पहुंच पाए । आम लोगों को मंच से सौ मीटर दूर खड़ा होकर मुख्यमंत्री का भाषण सुनना पड़ा। प्रशासन के इस रुख से लोग काफी नाराज दिखे।

Subscribe us on whatsapp