न्यूज़ बिहार डेस्क।पटना ( अमन कुमार ) ।संसार में सभी इंसान को परिवारीक, शारीरिक कष्ट के साथ कई ऐसे मुश्किलें होती हैं ।जहां विज्ञान असर नहीं करता वहां बस एक आस्था ,तीसरी शक्ति पर सभी की आश टीक जाती हैं ।व्यवस्था का अंग पुलिस विभाग भी इससे अछुता नहीं हैं । संसाधन से समर्थवान पुलिस जब अनसुलझे घटनाओं को खुलासा करने में असमर्थ होती हैं तो उसे भी तीसरी शक्ति का स्मरण करना पड़ता हैं । ऐसे ही एक तीसरी शक्ति का नाम है वन देवी । वर्तमान में इस वन देवी को पुलिस की देवी मां के रूप में भी ख्याति प्राप्त हैं ।यह वन देवी या कहें तो पुलिस की देवी मां राजधानी जिले पटना के अमहारा गांव के समीप ,राघोपुर गांव स्थित मिश्रीचक के बधार में स्थित हैं ।

पटना के एसएसपी मनु महाराज को सिंघम के नाम से भी जानें जाते  हैं ।अपराधी इनके नाम मात्र से ही खौफ खाते हैं । इनके जानने वाले कहते हैं की आईपीएस मनु महाराज पर वन देवी मां का विशेष आशीर्वाद हैं ।बड़े घटनाओं की सफलता के बाद,एसएसपी  मनु महाराज को जब भी थोड़ा पल मिलता हैं तो वन देवी का दर्शन जरूर कर आते हैं और हाथों पर रक्षा सुत्र बांधते हैं । सूबे के 6 जिले ऐसे हैं जहां पर वन देवी मां के भक्त आईपीएस पुलिस कप्तान हैं और आम जनों की सुरक्षा में जुटे हैं । इसमें पटना के एसएसपी मनु महाराज ,एसएसपी ,भागलपुर, मनोज कुमार सिन्हा ,एसपी, सारण, हरी किशोर राय, किशनगंज एसपी ,राजीव मिश्रा ,बक्सर एसपी -राकेश कुमार ,औरंगाबाद, एसपी -सत्य प्रकाश शामिल हैं ।

पुलिस अधिकारियों में ऐसे और भी भक्त है जो अपने सफलता को मां वन देवी की कृपा मानते हैं ।इसमें निगरानी विभाग के आईजी उपेन्द्र कुमार सिन्हा ,सीटी एसपी ,पटना -रविन्द्र कुमार ,एएसपी राकेश दुबे ,डीएसपी सुशांत कुमार ,एएसपी, मिथलेश कुमार ,आईपीएस अमृत राज, आदी हैं । पटना जिला ग्रामीण के वरीय पत्रकार अमित्रजीत उर्फ बऊल जी कहते हैं कि बिहार के गृह सचिव जीया लाल आर्य मां वन देवी के दर्शन के लिए कई बार आएं हैं और वन देवी मां को वह चमत्कारी शक्ति की मां कहते थे और घंटों जमीन पर बैठ आराधना करते थे।  पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी ही नहीं थाना स्तर के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस जवानों में वन देवी मां के प्रति आस्था हैं और सभी की मां मनोकामना पूर्ण करती हैं । पुलिस विभाग में यह चर्चा सरेआम हैं की सिद्ध व शक्ति पीठ, माता वन देवी की कृपा से सर्व शक्तिमान हैं बिहार पुलिस । और पुलिस विभाग में बढ़ी आस्था ,16 वीं सदी की वन देवी  को आज लोग पुलिस के देवी मां के रूप में भी जानते है

राघोपुर निवासी विद्यानंद मिश्र  ,विंद्याचल माई के बड़े भक्त थे और वृद्धा अवस्था में भी नवरात्रा की पाठ करने विंद्याचल पैदल चलकर जाते थे। मां विंद्य वासनी ने बाबा के आराधना से खुश हो इच्छा वर मांगने को कहीं ।तो बाबा ने मां को अपने घर जानें का वर मांग लिया । मां अपने भक्त का दिल तोड़ नहीं सकती थीं, इसलिए एक बार आने और गांव  के बाहर ठहरने की बात कहीं । राघोपुर के बधार में विंद्यानंद मिश्र ने मां की आराधना कर सिद्ध संकल्प के साथ मां विंद्यवासनी स्वरूप पींड का स्थापना किया । अमहारा निवासी लेखक काली चरण सिंह के पुस्तक में ऐसा उल्लेखित है की बाबा विद्यानंद मिश्र की मृत्यु 11 मई 1648 को हुई हैं ।वहीं अमहारा निवासी डा राम नाथ शर्मा ने अपने शोधपरक पुस्तक वन देवी में लिखा है की बाबा विद्यानंद मिश्र ,माता विद्यंवासनी के बड़े भक्त और सिद्ध पुरूष थे। वन देवी की स्थापना 1648 से पूर्व की हैं । वन देवी के चमत्कार से उत्पन्न हुयी कनखा माई की मंदिर हैं ।ऐसी आस्था हैं की जो भी भक्त सच्चे दिल से विधिवत पूजा -पाठ कर जो मन्नत मांगते हैं ,मां वन देवी उसकी मनोकामना जरूर पुरी करती हैं । पुलिस वाले पर वन देवी मां की विशेष कृपा रहती है और उन्हें बड़े से भी बड़े खतरे से  रक्षा करती हैं ।